आज रामपाल पर दर्ज 2 केस में कोर्ट का फैसला हो सकती हैं 3 साल की सजा….

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हिसार. सतलोक आश्रम के संचालक और कथित संत रामपाल पर हिसार कोर्ट में चल रहे दो केस में मंगलवार को फैसला आ सकता है। इसमें रामपाल समेत कुछ अन्य लोग आरोपी हैं। बरवाला के सतलोक आश्रम से जुड़े इन मामलों में सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और रास्ता रोककर बंधक बनाने के आरोप हैं। 2014 में रामपाल पर अभियोग नंबर 426 और 427 दर्ज किए गए थे। 3 साल की हो सकती है सजा…
– कानूनविदों के मुताबिक जिन धाराओं के तहत केस दर्ज हैं, उनमें 3 साल तक की सजा का प्राेविजन है। नवंबर 2014 से रामपाल और अन्य अभियुक्त जेल में बंद हैं।
– बता दें कि इन मामलों में बहस पूरी होने के बाद 24 अगस्त को फैसला सुनाया जाना था, मगर 25 अगस्त को पंचकूला सीबीआई कोर्ट में डेरामुखी पर संभावित फैसले को लेकर बरवाला पुलिस के अपील पर अदालत ने 29 अगस्त तय की थी।
इन धाराओं के तहत दर्ज हैं मामले, रामपाल के साथ अन्य भी हैं आरोपी
– अभियोग नंबर 426 में धारा 323, 353, 186 और 426 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
– वहीं अभियोग नंबर 427 में धारा 147, 149, 188 और 342 लगाई गई थी।
– इन दोनों मामलों में रामपाल के अलावा प्रीतम सिंह, राजेंद्र, रामफल, वीरेंद्र, पुरुषोत्तम, बलजीत, राजकपूर ढाका, राजकपूर और राजेंद्र को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने समर्थकों से निपटने की कर रखी है तैयारी
– पुलिस का कहना है कि रामपाल के समर्थक हिसार में इकट्ठा हुए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। धारा 144 का वॉयलेशन करने पर इन्हें केस दर्ज करके गिरफ्तार किया जाएगा।
– वहीं, इस मामले में अन्य आरोपियों के छूट जाने की संभावना है। दोनों मामलों में जितनी सजा होनी है, उतना समय रामपाल और उनके समर्थक जेल में काट चुके हैं।
देशद्रोह का मुकदमा भी चल रहा है रामपाल पर
– रामपाल पर देशद्रोह का मुकदमा भी चल रहा है। इस मुकदमे में 28 अगस्त को जेल में लगी अदालत में वह पेश हुआ। इस दौरान सिरसा के डेरा मुखी पर आने वाले फैसले के मद्देनजर ट्रेन और बस सेवा बंद होने के कारण सिर्फ 210 आरोपी ही पहुंच पाए।
– अन्य आरोपी गैर हाजिर रहे। अदालत ने गैर हाजिर रहने वाले आरोपियों के लिए सुनवाई की तारीख 18 सितंबर तय की। वहीं सभी आरोपियों की अगली पेशी 25 सितंबर को होगी।
कौन है रामपाल?
– सोनीपत के धनाणा गांव में 1951 को जन्मे रामपाल हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे।
– इसके बाद नौकरी छोड़कर रामपाल ने रोहतक के करोंथा गांव में सतलोक आश्रम बनाया। यहां विवाद हुआ तो उन्होंने हिसार के बरवाला में अपना आश्रम बना लिया।
– इसके बाद रोहतक अदालत में चल रहे करौंथा कांड मामले में रामपाल पेश नहीं हो रहा था। मामले को हाईकोर्ट भेज दिया गया। हाईकोर्ट में रामपाल पेश नहीं हुआ।
– सीएमओ से मेडिकल भेज दिया गया था। लगातार गैर हाजिर होने पर हाईकोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
– 16 नवंबर 2014 को पुलिस और प्रशासन को पेश होने का भरोसा दिलाया, मगर फिर पेश होने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने 17 नंवबर 2014 को आश्रम को घेरकर कार्रवाई की थी। इस समय रामपाल के समर्थक आश्रम के अंदर थे।
– पुलिस बल के बावजूद संत रामपाल को इसलिए गिरफ्तार नहीं किया जा सका क्योंकि प्रशासन को डर था कि कहीं पिछले साल जैसी हिंसा फिर न भड़क उठे। तब संत रामपाल के अनुयायियों और आर्य समाजियों के बीच हिंसा में पुलिस जवानों समेत 120 लोग घायल हुए थे, जबकि एक शख्स की मौत हो गई थी। इस मामले में उन पर देशद्रोह का मामला चल रहा है।

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