अब होगा महागठबंधन, पोस्टर में साथ दिखे माया-अखिलेश-लालू….

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अब होगा महागठबंधन, पोस्टर में साथ दिखे माया-अखिलेश-लालू

देश की मौजूदा सियासत में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की लगातार कोशिश की जा रही है.  अब बीएसपी ने भी सामाजिक न्याय के नाम पर विपक्ष को एकजुट होने की अपील की है. बीएसपी के ट्विटर हैंडल से एक पोस्टर शेयर हुआ है जिसमें मायावती अखिलेश यादव, लालू, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी जैसे नेताओं के साथ दिख रही हैं. हालांकि बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव एससी मिश्रा ने कहा है कि बीएसपी का कोई आधिकारिक ट्विटर हैंडल नहीं है.

दरअसल 2014 के बाद देश की राजनीति का रुप रंग बदल गया है. बीजेपी एक के बाद एक सूबे की सियासी जंग फतह करती जा रही है. ऐसे में राजनीतिक दलों के सामने अपने वजूद को बचाए रखने की सबसे बड़ी चुनौती है. यही वजह है कि अब विपक्ष एक दूसरे से गिले शिकवे भुलाकर एक होकर एकजुट होने की पहल करने लगे हैं.

बीएसपी ने शेयर की ट्विटर पर फोटो

बीएसपी कभी गठबंधन की राजनीति से तौबा करती रही हैं, वहीं आज इस की पहल कर रही हैं. बीएसपी ने अपने ट्विटर के जरिए एक फोटो पोस्ट की है. इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि सामाजिक न्याय के नाम पर विपक्ष एक हो. इतना ही नहीं इस फोटों में कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी, जेडयू नेता शरद यादव, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ-साथ अखिलेश यादव के भी फोटो है. इन सभी नेताओं में मायावती की बड़ी फोटो है बाकी सब नेताओं की फोटो बराबर है.

पुराने गठबंधन की दिशा में कदम

बीएसपी के नेता सुधींद्र भदौरिया ने उसी ट्वीट पर रिट्वीट करते हुए लिखा है कि बहन मायावती के नेतृत्व में विपक्ष समता मूलक समाज बनाने की दिशा में आगे आए. यानी अब बीएसपी अपने पुराने गठबंधन में न जाने वाले सिद्धांत को तोड़कर इसकी दिशा में कदम बढ़ा रही है.

मायावती उत्तर प्रदेश में जिसे समाजवादी पार्टी को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानती रही है आज उसको साथ लेकर चलना चाहती है. इससे साफ है कि बीएसपी के लिए आज एसपी से बड़ी दुश्मन बीजेपी हो गई है, जिसके कंधे पर सवार होकर मायावती चार बार सूबे की मुख्यमंत्री के सिंहासन पर बैठी हैं. वक्त का तकाजा है कि आज उसी बीजेपी के खिलाफ तमाम विपक्षी पार्टियों को एक जुट करने की पहल की जा रही है.

विपक्षी पार्टियों को  किया जाए एकजुट

दरअसल बीएसपी ही नहीं बल्कि देश में इस तरह की कई कोशिश चल रही हैं मोदी के खिलाफ तमाम विपक्षी पार्टियों को एक जुट किया जाए. पिछले दिनों महागठबंधन से नाता तोड़ नीतीश कुमार ने भी बीजेपी से हाथ मिलाया तो शरद यादव बगावती तेवर अख्तियार कर लिया. पिछले दिनों उन्होंने दिल्ली में साझी विरासत बचाओ के नाम पर 17 विपक्षी पार्टियों के नेताओं को बुलाकर एक होने की बात कही. इसके कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए और उन्होंने पहली बार खुलेतौर पर कहा कि देश को बचाने के लिए विपक्षी पार्टियों को अब एकजुट होना होगा.

पहली बार नजर एक मंच पर नजर आएंगे मायावती और अखिलेश

आरजेडी लालू प्रसाद यादव भी 27 अगस्त को पटना में तमाम विपक्षी पार्टियों के नेताओं को बुलाया है. जिसमें कांग्रेस, एसपी, बीएसपी,टीएमसी सहित कई राजनीतिक दल के नेता शामिल हो रहे हैं. पहली बार ऐसा होगा कि मायावती और अखिलेश यादव एक साथ एक मंच पर नजर आएंगे. अखिलेश यादव 2017 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद से ही मायावती के साथ हाथ मिलने की बात खुलेतौर पर कहते रहे हैं, लेकिन बीएसपी की तरफ से इसके जवाब में न इंकार किया जाता था और न ही हामी भरी जाती थी.

फोटो में किया गया अखिलेश को शामिल

बीएसपी ने ट्विटर पर जो फोटो जारी की है. उसमें बकायदा अखिलेश यादव को शामिल किया गया है. इससे साफ है कि मायावती अब सारे गिले शिकवे भुलाकर और दुश्मनों को गले लगाकर मोदी से दो–दो हाथ करने की तरफ कदम बढ़ा रही हैं. इन सबके बीच सवाल यही है कि इस तरह की जो पहल हो रही है, उसके नेतृत्व कौन करेगा. इस विपक्ष के एकजुट का नेता कौन बनेगा, क्या उसे ये सारे दल अपना नेता मानने को हामी भरेंगे. इतना ही नहीं उसके साथ कदम से कदम मिलाकर कितने दूर चल सकेंगे. इसे कहना मुश्किल और कठिन है.

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