जानें क्या हैं लव जैवादयिों का हिन्दू लडकियों को फंसाने का मिशन…..

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पटना में लव जिहाद की एक और घटना. जिहादी द्वारा लड़की से जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया, उसे गौमांस खिलाया गया और उसका अश्लील वीड़ियो बनाया गया. न तो यह कोई पहली घटना है और न ही आख़री. हम सोचते हैं कि लव जिहाद के किस्से केवल अख़बारों तक ही सीमित हैं, हमारे आस-पास ऐसा कोई ख़तरा नहीं. इसी मूर्खतापूर्ण सोच का नतीजा है कि लव जिहाद धडल्ले से अपने पांव पसार रहा है.

यहां लव जिहाद के बारे में अवश्य जानने योग्य 10 तथ्य दिए गए हैं. यदि आप स्वयं को और अपनी बहन-बेटियों को सुरक्षित रख़ना चाहते हैं तो इन्हें हमेशा ध्यान में रख़ें. ये तथ्य किसी कुरान, पुराण या बाइबिल के उपदेशों से भी अधिक महत्तवपूर्ण हैं. इन्हें छपवाएं, मढ़वाकर दिवारों पर लगवाएं या इन का पाठ करें. इन्हें वैसे ही देखें जैसे आप अपनी धार्मिक किताबों को देखते हों, परन्तु ईश्वर के लिए इन्हें अनदेख़ा न करें.

लव जिहाद के 1% से भी कम मामले दुनिया के सामने आ पाते हैं. वास्तविकता यह है कि आज लगभग हर मोहल्ले, हर काॅलेज और हर सीनियर सेकेंड़री स्कूल में लव जिहाद अपनी पैठ बना चुका है. अश्लील वेब साईट्स, वाट्सएप ग्रुप्स् इत्यादि में ऐसे एमएमएस की भरमार होती है. परिवार वाले लोक लाज के भय से मुंह नहीं खोलते और इस से जान छुड़ाना चाहते हैं. कई लड़कियां आज कहीं नजर नहीं आती – क्योंकि या तो वे किसी शेख को बेच दी गई हैं या फ़िर देह व्यापार में झोंक दी गई हैं.
आप भारत के किसी भी शहर में रहते हों, यह मेरा दावा है कि वहां के हर 1 किलोमीटर के दायरे में लव जिहाद पनप रहा होगा.
1. लव जिहादी के प्रकार:
लव जिहादी की दो किस्में हैं –
1) सुपरस्टार
2) पैगंबर.
1) सुपरस्टार – यह एक मेट्रोसेक्स्युअल लव जिहादी होता है जो सुव्यवस्थित ढंग से कपड़े पहनता है, नामांकित सैलून से बाल कटवाता है, सेक्सी बाईक चलाता है, बातें बनाने में होशियार होता है, फैशनेबल चीज़ों और नए गैज़ेट्स का इस्तेमाल करता है, एक फ़िल्म स्टार की तरह संवरता है, संक्षेप में वह शाहरूख़ या आमिर से कुछ कम नहीं होता. बाॅलीवुड़ी ख़ानों के सपने देखकर बड़ी हुई मूर्ख लड़कियों की वह पहली पसंद होता है. इस किस्म के लव जिहादियों की बड़ी तादाद शहरों और महानगरों में होती है, जो उच्च मध्यम वर्गीय और संभ्रांत परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाते हैं. अधिकतर बनियों (व्यापारी परिवारों) की बेटियां उनके ज़ाल में फंसती हैं क्योंकि इन लड़कियों को अपने घरों में सुख सुविधा के तो सारे साधन प्राप्त होते हैं परन्तु अपने इतिहास और यथार्थ दुनिया से उनका कोई वास्ता नहीं होता. वे स्वयं को कोई कैटरीना या करीना समझती हैं, जिन्हें लेने कोई ख़ान ही आएगा!

2) पैगंबर – इस किस्म के लव जिहादी आतंकियों के प्रशंसक ज़ाकिर नाईक जैसों के अनुयायी होते हैं. वे इस भुलावे में जीते हैं कि भले ही उनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर हो, परन्तु अल्लाह ने उन्हें सच्चे दीन की विलक्षण अंतरदृष्टि से नवाजा है. हकले नाईक के सारे उपदेश और मूर्खतापूर्ण दलीलें उन्हें रटी हुई होती हैं. उनका यही मंसूबा होता है कि अधिक से अधिक हिन्दुओं को इस्लाम में लाया जाए ताकि उन्हें (लव जिहादियों को) जन्नत में 72 हूरों का मज़ा मिल सके. इन की शिकार वे लड़कियां होती हैं जो अपेक्षाकृत रूढ़िवादी घरों से होती हैं या ऐसी अति आधुनिक लड़कियां जो प्यार में धोख़ा खा चुकी हैं.
वह उन्हें इस्लामी आध्यात्मिक रोशनी की ऐसी घुट्टी पिलाता है कि ये मूर्ख लड़कियां उस पर फ़िदा हो जाती हैं. वह हिन्दू देवी-देवताओं की अश्लील कहानियां सुनाते हुए दोज़ख़ का ऐसा ख़ौफ़नाक वर्णन करता है कि लड़कियां हमेशा के लिए हिन्दू धर्म से नफ़रत करने लग जाती हैं. वह इस भरोसे और तर्क के साथ अंधविश्वासी बातें करता है मानो वह स्वयं ही पैगंबर हो.
2. वापस नहीं लौट पाने की स्थिती :
दोनों ही किस्म के लव जिहादियों का प्रमुख मूलमंत्र एक ही होता है – लड़की को जल्द से जल्द वापस नहीं लौट पाने की स्थिती में पहुंचाना. इसका मतलब यह है कि लव जिहादी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए उतावला होता है. संभव हो तो उसका एमएमएस भी बनाता है, यदि वह विरोध करे तो उसका सामूहिक बलात्कार किया जाता है, बार-बार उसका शारीरिक शोषण किया जाता है ताकि वह जल्द ही गर्भवती हो जाए. यह बहुत ही कम होता है कि उसने दुनिया के सामने लड़की को शर्मसार करनेवाली हर एक हरकत का वीड़ियो न बनाया हो – भले ही उसकी सहमति से या जबरन या छुपे हुए कैमरे से.

3. अंदरूनी मकसद :
जैसे ही लड़की वापस नहीं लौट पाने की स्थिती में पहुंच जाती है, वह उस से शादी कर उस पर अपनी पैतृक संपत्ति हासिल करने का दबाव बनाता है. वह उस लड़की के ज़रिए – उसके अन्य पारिवारिक सदस्यों खासतौर से लड़की के छोटे भाई – बहनों को भी इस्लाम में लाने की कोशिश करता है.

4. एकसाथ कई शिकार:
लव जिहादी एक बार में एक से ज्यादा लड़कियों के साथ ऐसे संबंध रखते हैं. ख़ासतौर से शादी के बाद लड़की को पता चलता है कि जिहादी पहले से ही शादीशुदा है या उसके अन्य लड़कियों/औरतों से भी संबंध हैं. इन में से कुछ जिहादी के परिवार से ही होती हैं – भाभी, बहन, भानजी, बूआ, मौसी इत्यादि.
अब तक उसे इस्लाम की पट्टी पढ़ाई जा चुकी होती है और क्योंकि उसकी वापस लौटने की स्थिती भी पार हो जाती है लड़की इस से ही अपनी नियती मान लेती है. शायद वह इसे स्वयं को दोज़ख़ से बचाने या किसी बाॅलीवुड़ी ख़ान के साथ जिंदगी भर रह सकने की कीमत समझती है. आख़िर उसके बाॅलीवुड़ी सपने आंशिक रूप से तो पूरे हो ही रहे हैं! इन मूढ़ लड़कियों के दिमाग में क्या चल रहा होता है यह जानना बहुत ही मुश्किल है, परन्तु शायद ही कोई लड़की इस के प्रतिकार में निड़रता से खड़ी हो पाए.
एक लव जिहादी यह मानता है कि अल्लाह ने उसे कितनी ही गैर मुस्लिम स्त्रियों के साथ सेक्स और छलावा करने की खुली छूट दे रखी है.
लव जिहादी छोटी बच्चियों को भी नहीं छोड़ते, लव जिहादी का कार्य सूत्र ही यह है कि यौवनावस्था प्राप्त करते ही लड़की का कौमार्य भंग कर दिया जाए.

5. शादीशुदा औरतों का शिकार:
लव जिहादी सिर्फ कुमारियों को ही नहीं बल्कि अपनी जिंदगी से नाखुश शादीशुदा औरतों को भी शिकार बनाते हैं. इन अवैध संबंधों के ऐवज में उन्हें अच्छे खासे पैसे भी मिलते रहते हैं, जो कि औरतें अपने पति से चुरा कर उन्हें देती हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि वे इन औरतों के साथ मिलकर उनका तलाक या पति की हत्या तक करवा देते हैं. लव जिहादी ऐसी औरत से एक बच्चा पैदा करने की कोशिश भी करता है. समझ लीजिए, लव जिहादी छद्मवेश में एक आतंकी है.
6. लव जिहाद की पीड़िता का दर्द:
लव जिहादी का एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बसर करने का कोई इरादा नहीं होता. वह या तो लड़की को अपनी रखैल बनाकर रखता है या कुछ समय बाद उसे तलाक दे देता है या उसे किसी अरब को बेच देता है या उसके अश्लील वीड़ियो बनाकर इंटरनेट पर ड़ाल देता है या उसे वेश्यावृत्ति करने पर मज़बूर कर देता है. लड़की उसकी बीवी तभी तक बनी रह सकती है जब तक कि वह लव जिहादी को अपने घरवालों से पैसे दिलवाती रहे या फिर इस जिहाद में सहभागी बन लड़कियां फंसाने में उसकी मदद करे या वह खुद भी एक मतांध मुस्लिम बन जाए.

7. स्वयं को एक नेक मुस्लिम दिखाने का छलावा:
एक लव जिहादी और एक अच्छे मुस्लिम का भेद कर पाना संभव नहीं है. वह स्वयं को बड़ा अच्छा-अच्छा दिखाने में माहिर होता है. केवल अग्निवीर ही उसकी बोली, चाल और चोगे के पीछे छिपी उसकी असलियत पहचान सकता है.
8. लव जिहादी को पहचानने के नौ तरीके:
लव जिहादी के ज़ाल में फंसने से बचने के कुछ आसान तरीके हैं. इस में दो स्थितियां हैं –
पहली स्थिती यह कि हो सकता है आप किसी अच्छे इंसान को जिहादी समझ लें और दूसरी यह कि किसी जिहादी को अच्छा इंसान समझ लें. लेकिन याद रखें कि दूसरी स्थिती अधिक खतरनाक है, जिससे हर हाल में बचा जाना चाहिए .
i. एक लव जिहादी के हाव-भाव, उसका अंदाज या भरोसा कुछ भी हो लेकिन उसका शैक्षणिक प्रदर्शन हमेशा मामूली होता है . हो सकता है वह किसी अच्छे संस्थान में पढ़ता भी हो परन्तु उसके शैक्षिक विषय हमेशा ऐसे होते हैं जिन में होड़ नहीं होती. आप किसी लव जिहादी को आईआईटी जैसे संस्थान में भी पा सकते हैं जहां वह ऐसे विषयों में पीएचड़ी कर रहा होगा जिन में प्रतियोगिता कम से कम होती है. अक्सर देखा गया है कि लव जिहादी पेशेवर पाठ्यक्रमों में दाखिला बहुत कम लेते हैं ताकि उन्हें लड़कियां फांसने के लिए काफी समय मिल सके.
ii. लव जिहादी से पूछिए -” क्या तुम्हें नहीं लगता कि मूर्तिपूजकों (हिन्दुओं) को दोज़ख में जाना होगा, ऐसा मानने वाले वास्तव में असहनशील कमीने हैं? यदि वह आप को यह समझाना चाहे कि मूर्तिपूजा क्यों बुरी है और दुनिया में केवल इस्लाम ही श्रेष्ठ धर्म है या इस विषय से कतराए या बातों का रूख़ दूसरी तरफ़ मोड़ दे तो जितनी जल्दी हो सके वहां से भागें, आप अभी-अभी एक संभावित लव जिहादी से बच निकली हैं.
iii. लव जिहादी से पूछिए -“क्या तुम्हें नहीं लगता कि मुस्लिम पर्सनल लाॅ स्त्री-विरोधी है और इसलिए शादी अदालत में करनी चाहिए?” फिर भी अगर वह पहले निकाह की रस्म के लिए दबाव बनाए, वहां से भागने में ही भलाई समझिए.
iv. अगर कोई व्यक्ति इस्लाम को महिमामंड़ित करे और दूसरे धर्मों की कमियां गिनाए – वह एक लव जिहादी है वहां से तुरंत निकल लें.
v. यदि कोई व्यक्ति फिल्म pk की बड़ाई करे और भगवान शिव के उपहास का मज़ा ले, जानने की कोशिश करें कि क्या वह ऐसे मज़े पैगंबर पर किए गए चुटकुले में भी लेगा और आप के साथ हंसेगा? यदि नहीं तो उससे हमेशा के लिए नाता तोड़ दें.
vi. लव जिहादी से पूछिए – उसके परिवार में ऐसी कितनी स्त्रियां हैं – उसकी बहन, मौसी, बूआ या अन्य रिश्तेदारों की लड़कियां जो किसी गैर मुस्लिम से ब्याही गई हैं? या ब्याहे जाने की तैयारी में हैं? यदि वह समझाने लगे कि ऐसा क्यों नहीं हो सकता? या यह तकनीकी रूप से क्यों संभव नहीं है या इससे उसके परिवार की बदनामी होगी या फिर ऐसा करने से उसका परिवार समाज से कट जाएगा, तुरंत भागें. जान लीजिए कि वह एक खूंखार लव जिहादी है जो अपने परिवार की औरतों की हिफाजत करता है लेकिन काफिर औरतों की जिंदगी नरक बना देता है.
vii. लव जिहादी से पूछिए “बजाए इस के कि मैं इस्लाम ग्रहण करूं, क्यों न हमारे प्यार और रिश्ते के लिए तुम हिन्दू/जैन/सिख/बौध्द/ईसाई बन जाओ?” यदि वह धर्म, अध्यात्म, दर्शन इत्यादि दुनिया भर की अन्य बातों पर उपदेश झाड़ने लगे लेकिन एक स्पष्ट ‘हां’ उसके मुंह से ना फूटे तो वहां से रफूचक्कर हो जाएं. जान लीजिए कि आपने अभी-अभी अपनी इज्जत को एक दरिंदे से और उसके भाई, दोस्त, बाप जैसे कई और दरिंदों द्वारा लूटे जाने से बचा लिया है.
viii. लव जिहादी से पूछिए क्या आप के बच्चे अल्लाह के साथ-साथ गणेशजी की पूजा भी कर सकेंगे? यदि उसका उत्तर एक स्पष्ट ‘हां’ के अतिरिक्त कुछ और हो, बल्कि वह स्वयं का उदाहरण देते हुए आपके साथ खड़े होकर गणेश जी की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़ दे, तब भी उसके झांसे में न आएं और एक घिनौने लव जिहादी से स्वयं को और अपनी अजन्मी बच्ची को भी बचाने के लिए ईश्वर को धन्यवाद दें.
ix. लव जिहादी से पूछिए जैसे आप उसके साथ दरगाह जाती हैं, वैसे ही क्या वह भी आपके साथ सोमवार को शिव मंदिर चलेगा? यदि वह सीधी हामी भरने की बजाए इधर-उधर की हांके तो वहां से भाग जाइए. जान लीजिए की आपने स्वयं को एक बड़े खतरे से बचा लिया है.
9. लव जिहाद के लिए जिम्मेदार कौन?
देखा जाए तो हिन्दू ही इसके लिए जिम्मेदार हैं. वे अपने बच्चों को इतिहास, संस्कृति, हिन्दू धर्म, दर्शन इत्यादि से परिचित नहीं करवाते. अधिकतर वह सभी हिन्दू जिनकी बेटियां जिहादियों का शिकार बनती हैं, धार्मिक संस्कारों को बिना किसी आस्था के आंखें मूंदकर सिर्फ इसलिए निबाहते हैं कि कहीं उन्हें ईश्वर का कोपभाजन न बनना पड़े. ऐसे लोगों को और उनके बच्चों को मार्ग से भटकाना बहुत आसान होता है. वे हिन्दू जिनकी तरूणावस्था 70 और 80 के दशक की रही है – उन्होंने जितेंद्र और मिथुन छाप फिल्मों से अपना दिमाग भर रखा है

– जिसमें हाजी मस्तानों, “बच्चे की मां”, कैबरे और भी सारी दुनिया भर की गंदगी भरी हुई है.
आज की पीढ़ी आजादी के लिए मरमिटनेवालों से अनजान है और बेअक्ल उदारवादियों (जिनका मकसद जिहादियों को बिना छेड़े पैसे बनाना है) द्वारा सामाजिक और मुख्यधारा की मीड़िया में परोसी गई बकवास के प्रति आसक्त हैं. उनके माता-ता अपने बच्चों से उनके बुजुर्गों के जीवन मूल्यों को आत्मसात करवाने में स्वयं को अक्षम पाते हैं.
.लव जिहाद1200 हिन्दू लड़की गुम है 
 
 लव-जिहाद में फंसा कर आतंकवादी संगठनो को पहुंचा दिया गया है कट्टरपंथी लड़के हिंदू लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करते हैं और उनसे विवाह कर उन को धोखे में रखकर आतंकवादी संगठनों को पहुंचा देते हैं
 
इन अभागी लड़कियों को 1 दिन में 15 से 20 आतंकवादियों की वासना की भूख मिटानी पड़ती है जिसमें कई बार इनकी मौत भी हो जाती है
इन लड़कियों के मर जाने पर उनकी लाश को यह आतंकवादी जानवरों को नोच खाने के लिए यूं ही फेंक दिया करते हैं
 
यह सब घटनाएं संस्कारों को नहीं मानने वाली, धर्म के प्रति आस्था नहीं रखने वाली , सेकुलरिज्म की बात करने वाली, एकदम स्वतंत्र विचारों वाली लड़कियों के साथ हो रहा है
 

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