कैसें आपके नाम का पहला अक्षर खोल देता हैं आपके पूरे राज जाने के लिए पढें….

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पिछले जन्म की बातों को याद रखना नामुमकिन है। जिसकी वजह है मां के गर्भ में मौजूद आसीटासिन नामक तत्व। बच्चे के पैदा होते है आसीटासिन गर्भ में निकल जाता है। यदि यह तत्व बच्चे के साथ ही बाहर आ जाए तो पूर्व जन्म की बातों को ठीक तरह से याद रखा जा सकता है।

प्राकृतिक कारण

प्रकृ ति ने मनुष्य का दिमाग भूलने के लिए ही बनाया है हम अक्सर समय के साथ-साथ बीती बातों को भूल जाते हैं। अर्थात समय के साथ पुरानी बातों को भूलना और नई बातों को सोचना। अक्सर जिंदगी में इंसान के साथ बुरी घटनाएं हो जाती हैं जिन्हें वह भूल कर नई जिदंगी की शुरूआत करता है। अगर मनुष्य में भूलने की प्रवृत्ति नही होगी तो एक नई शुरुआत करना उसकेलिये असंभव होगा, इसलिये पूर्व जन्म की बातें याद रखना भी असंभव होता है।

किसी विशेष शक्ति के कारण

कुछ लोगों को अपने पूर्वजन्म का बोध हो जाता है। जैसे कि उसका नाम क्या था, कहां रहता था, कौन थे माता-पिता आदि। ऐसा कई बार हुआ है लेकिन बहुत ही कम यह देखा जाता है। लेकिन इसमें भी कितनी सच्चाई है कहा नही जा सकता।

मृत्यु के कारण का भय

अगर पिछले जन्म में हमारी मृत्यु किसी दुखद कारण की वजह से हुई है तो नये जन्म में उसको याद रखने से मनुष्य फिर दुखी हो जाएगा और लगातार उसके दिमाग में पूर्व जन्म की बातें और अपने करीबियों का दुख घूमता रहेगा।

 

कर्म और आत्मा

हमारे शास्त्रों में भी साफ कहा गया है कि कर्मों से ही उसका अगला जन्म सुधरता है। अर्थात आत्मा के कर्म इंसान को उसके पिछले जन्म की और खींचते हैं। इसलिये अच्छा जीवन जीने वाले के लिये हमेशा यही बात कही जाती है कि जरूर इसने पिछले जन्म में कुछ अच्छे कर्म किए होंगे

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