हनीप्रीत की साजिशों का पर्दाफाश, बनना चाहती थी, राम रहीम का वारिश,

0
88
views

अब राम रहीम के परिवार के प्रति हनीप्रीत इंसान की एक बहुत बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है राम रहीम की खास  हनीप्रीत  जेल  के पीछे पहुंचते ही उससे जुड़े राज एक-एक करके बाहर आ रहे हैं. राम रहीम ने अचानक उसे अपना वारिस घोषित कर दिया था. इसी के चलते उसने एक साजिश के तहत जसमीत की फैक्ट्रियों को बंद करवा दिया और उसके बाद में उसका पूरा कारोबार अपने कब्जे में ले लिया था. हनीप्रीत राम रहीम के परिवार से  जलती थी वो तो हाल ही में सामने आई एक वीडियो से साफ हो चुका है. इसमें वह गुरमीत राम रहीम की पत्नी का हाथ झटक कर उसके बाल ठीक करते हुए दिखाई दे रही है. वह ना केवल राम रहीम की पत्नी हरजीत कौर से जलती और नफरत करती थी, बल्कि बाबा को उसके परिवार से दूर रखने की कोशिश में भी लगी रहती थी.

हनीप्रीत ने अपने फेसबुक अकाउंट में एक बार खुद को अपने आप ही राम रहीम का वारिस घोषित कर दिया था. हनीप्रीत के प्रेमजाल में फंसा राम रहीम उसकी हर बात को पत्थर की लकीर मानता था. राम रहीम की इसी कमजोरी के चलते हनीप्रीत ने उस पर साल 2011 के बाद यह कहकर दबाव बनाना शुरू कर दिया था कि जसमीत की फैक्ट्रियों में बन रहे बिस्कुट, अचार और दूसरे उत्पाद घटिया हैं. उसकी फैक्ट्रियों को बंद कर दिया जाना चाहिए.

हनीप्रीत की साजिश

जसमीत से जलने वाली हनीप्रीत को उसकी सफलता नहीं भा रही थी. वह उसके खिलाफ साजिश करने में जुटी रही. वह जसमीत की फैक्ट्रियों में बने बिस्कुट, नमकीन, अचार, जैम और दूसरे उत्पादों को घटिया बता कर उसे बदनाम करने में लग गई. हनीप्रीत की साजिश के चलते धीरे-धीरे जसमीत का कारोबार सिमटने लगा. हनीप्रीत ने आखिर साल 2015 में जसमीत की सभी फैक्ट्रियां बंद करवा दीं. जसमीत ने अपना कारोबार बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाया.

फादर और किंग  उत्पाद निकाले नए

जसमीत ने साल 1998 में फादर नाम से बिस्कुट की एक फैक्ट्री लगाई थी. महज 50 कर्मचारियों के साथ शुरू किए गए इस व्यापार को धीरे-धीरे पंख लगने लगे. जसमीत के बिस्कुट पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अलावा कई शहरों में बिकने लगे. उसके बाद जसमीत ने अपने उत्पादों में नमकीन, जैम, अचार और दूसरे उत्पादों का निर्माण भी शुरू कर दिया. इनको किंग थ्री के नाम से बाजार में उतारा गया. सूत्रों के मुताबिक साल 2015 में जसमीत का सालाना कारोबार 15 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here