रैंप पर कैटवाॅक करती गाय और भैंसे….

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 झज्जर में चल रही 3 दिवसीय स्वर्ण जयंती राज्य पशुधन प्रदर्शनी-2017 के सबसे बड़े आकर्षण कैटवॉक ऑन रैंप का यह अतुल्य नजारा हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। अभिवादन करतीं गायें, मुर्राह नस्ल की भैंसें, नृत्य करती बाड़मेरी और नागौरी ऊंटों की जोड़ी ने रैंप पर कैटवॉक कर धमाल मचा दिया। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर कंवर पाल गुर्जर और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भी सिलेब्रिटी बने इन पशुओं के साथ फोटोखिंचवाने गये ।कैटवॉक के लिए कुल 57 पशु पंजीकृत किए गए थे।

हरियाणा का सर्वश्रेष्ठ पशुधन लेकर झज्जर की प्रदर्शनी में पहुंचे बाबा रामदास वैदिक गोशाला से आई साहीवाल नस्ल की गाय, खांडा खेड़ी हिसार से अपने बैलों की जोड़ी लेकर पहुंचे कर्मबीर, सिरसा के गजे सिंह, चरखी दादरी के संजय, मतलोडा (पानीपत) के हवा सिंह, जींद के दलेल सिंह व अनिल कुमार, कैथल के नरेश कुमार, फतेहाबाद के कृष्ण, कड़ौली (गुरुग्राम) से आए सुभाष की 25 लीटर से अधिक दूध देने वाली भैंसे सहज ही अपने सौष्ठव व सौंदर्य से दर्शकों को लुभा रही थीं।

संगीत की धुन पर मॉडल्स की तर्ज पर रैंप से गुजरते हरियाणा के पशुधन   हीरा भैंसा, शांति गाय, थार पारकर नस्ल की गाय धावल, रैंप पर सज-धज कर झज्जर के सुखबीर के बाड़मेरी ऊंट सोनू व लालगढ़ दादरी के नागोरी ऊंट सोमबीर के मोनू ऊंट की जोड़ी । इस दौरान हरियाणा नस्ल में 16 लीटर दूध देने वाली झज्जर के खेड़ी की दीनू की गाय के साथ लोगों ने जमकर सेल्फी दी।

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रैंप पर कैटवाॅक करते पशु बने सेलिब्रेटी 
हरियाणा के झज्जर में चल रही स्वर्ण जयंती राज्य पशुधन प्रदर्शनी का संदेश पूरी दुनिया में पहुंचेगा । यह बात हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कंवर पाल गुर्जर ने कही। विधानसभा स्पीकर ने कृषि मंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि धनखड़ ने यह जबर्दस्त आइडिया पूरे देश को दिया है। रैंप पर मॉडल की तर्ज पर कैटवॉक करते देसी नस्ल की गाय व मुर्राह भैंस का आज महत्व बढ़ गया है। जिससे आने वाले समय में अच्छी नस्लों के पशुधन के लिए दुनिया के लोग यहां आएंगे। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में चल रही तीन दिवसीय प्रदर्शनी के दूसरे दिन विधानसभा स्पीकर मुख्य अतिथि थे।
पशु मेले   की एक बड़ी लापरवाही
पशु मेले में आयोजकों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसी लापरवाहीं के चलते मेले में बीती रात एक पशुपालक के 5 साल के पशु की मौत हो गई। मौत के पीछे कारण क्या रहे, इस बात का खुलासा तो पोस्टमॉटर्म की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

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