योगी ने कहा – UP में वही कर रहा हूं जो बतौर संन्यासी करना चाहता हूं…

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योगी के मठ से निकलकर सीएम हाउस पहुंचने के छह महीने में क्या बदला, इस पर भास्कर ने उनसे बातचीत की।

लखनऊ.यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार के बुधवार को छह महीने पूरे हो गए। बीते 6 महीने में पुलिस 400 से ज्यादा एनकाउंटर कर चुकी है। अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई, एंटी रोमियो स्क्वॉड और गोरखपुर में बच्चों की मौत जैसे विवाद भी उठे। योगी के मठ से निकलकर सीएम हाउस पहुंचने के छह महीने में क्या बदला, इस पर भास्कर ने उनसे बातचीत की। Q&A में पढ़ें योगी का इंटरव्यू...
Q. ब्यूरोक्रेसी पर बहुत बातें हो रही हैं। क्या अफसर ठीक से काम कर रहे हैं?
A.”15 वर्षों के राजनीतिक नेतृत्व ने ब्यूरोक्रेसी की निर्णय लेने की क्षमता खत्म कर दी। इंडिविजुअल के फायदे के लिए इसे नष्ट किया गया। अच्छा काम करने वालों को अपमानित और दंडित किया जाता था।”
Q. यूपी में पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। त्योहारों से ऐन पहले पावर हाउस बंद हैं।
A.”कुछ समय पहले तक 4-6 घंटे बिजली मिलती थी। हम शहरों को 24 घंटे, तहसीलों को 20 और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली दे रहे हैं। किसानों को ट्यूबवेल के लिए बिजली दे रहे हैं। फीडरों की क्षमता 17 हजार मेगावाट लोड की है। मांग 20 हजार मेगावाट है। पूरा सिस्टम साथ चलाकर ध्वस्त नहीं कर सकते। 35% लाइनलॉस है, जिसे कम करेंगे।”
Q. राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाने वाला त्योहार अयोध्या की पहचान क्यों नहीं बन पाया है?
A.”बनना चाहिए। इसी साल से प्रयास करेंगे। इस पर विचार हो रहा है।”
Q. उप्र में सांस्कृतिक-धार्मिक महत्व के कई स्थान हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कोई योजना है क्या?
A.”पर्यटन केंद्रों का विकास शुरू किया गया है। अयोध्या, मथुरा, काशी, नैमिषारण्य का विंध्याचल, कुशीनगर, सारनाथ आदि सभी स्थल इसमें शामिल हैं। धार्मिक स्थलों के साथ ऐतिहासिक स्थलों व ईको टूरिज्म का भी विकास करेंगे।”
Q. किसानों की हालत सुधारने के लिए आपके पास क्या रोड मैप है?
A. ”उत्तर प्रदेश की जमीन उपजाऊ है। तकनीक से किसानों को जोड़ेंंगे, तो उपज 3-4 गुना ज्यादा होगी। जो खेत 150 क्विंटल गन्ना दे रहा है, वहां 500-700 क्विंटल होगा। 20 नए कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए सरकार ने जमीन दी है। अमूल के सहयोग से डेरी समितियों को सक्रिय करेंगे। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार के प्रयास कृषि में देशभर के लिए रोल मॉडल हैं।”
Q. आपके सीएम बनने के बाद 6 माह में यूपी में क्या-क्या बदलाव देख रहे हैं?
A.”यूपी के बारे में धारणा बदली है। कानून राज बहाल हुआ है। एक भी दंगा नहीं हुआ। तबादलों में पारदर्शिता आई है। टेबल पर तीन दिन से ज्यादा फाइल नहीं रुकेगी। पुलिस की पैदल गश्त शुरू करवाई है। 1.18 लाख किमी में से 80 हजार किमी सड़कें गड्ढामुक्त हो गईं।”
Q. किसी फैसले पर आपको मलाल है?
A.”नहीं। सोच-विचार कर फैसले करते हैं और दृढ़ता से अमल करवाते हैं। 5 साल में विभिन्न चरणों में तैयारी के साथ पार्टी का लोक कल्याण संकल्प पत्र लागू करवाएंगे।”
Q. प्रदेश की नई औद्योगिक नीति का फोकस क्या रहेगा?
A. ”औद्योगिक नीति बड़ा निवेश व रोजगार ला रही है। उद्योग के लिए ढांचागत विकास चाहिए। हम बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को प्राथमिकता दे रहे हैं। 18 मंडल मुख्यालयों को एयर कनेक्टिविटी दी है। निवेशक उत्साह दिखा रहे हैं। अच्छे माहौल से बेहतर परिणाम आएंगे।”
Q. राहुल गांधी और अखिलेश यादव वंशवाद का पक्ष लेते हैं। क्या देश की राजनीति में वंशवाद रहेगा?
A.जनता 2014 और 2017 में जवाब दे चुकी है। लोग बेरोजगार होंगे तो कुछ तो बोलेंगे ही। उनके पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं है।
Q. रोहिंग्या मुसलमानों पर क्या राय है?
A.”केंद्र सरकार इस पर फैसला ले रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी विचार किया जाना चाहिए।”
Q. पीएम मोदी मंत्रियों के काम की समीक्षा करते हैं। आप करते हैं क्या?
A.”अभी छह महीने ही हुए हैं। मंत्रियों को काम करने दें। हर व्यक्ति अपना तय काम कर रहा है।”
Q. अजय सिंह से योगी बनने के बाद अब सीएम के रूप को किस तरह देखते हैं?
A.”मैं योगी के रूप में, सांसद के रूप में और सीएम के रूप में वही कर रहा हूं, जो एक संन्यासी के रूप में करना चाहता हूं। मकसद लोक कल्याण है।”
Q. आप मुख्यमंत्री बने तो लोगों ने सोचा कि यूपी को ट्रेनी सीएम मिला है।
A.”लोकतांत्रिक व्यवस्था लीडरशिप से चलती है। मेरी टीम देख रही है कि मैं 18 घंटे काम कर रहा हूं तो टीम भी करेगी। क्या कोई अधिकारी या मंत्री बैठक से उठकर जाने की हिम्मत करेगा? उन्हें पता है कि निर्देश लागू ही नहीं करने, बल्कि रिजल्ट भी देने हैं। हर हफ्ते फीडबैक लेता हूं। पांच साल में यूपी देश का उभरता हुआ प्रदेश होगा।”
Q. चर्चा है कि यूपी में किसानों के मामूली कर्ज माफ हुए। क्या कोई चूक हुई है?
A. ”चूक नहीं, यह वास्तविकता है कि एक रुपए जिसका माफ हुआ और जिसका एक लाख माफ हुआ, वह भी किसान है। यूपी के किसान इतने स्वावलंबी हैं कि अपने कर्जे खुद चुकता किए। ऐसे कुछ हजार किसान हैं, जिन्हें हम सम्मानित करेंगे।”
Q. गोरखपुर में बच्चों की मौत पर आपके सख्त प्रशासक होने का संदेश नहीं गया।
A. ”ऑक्सीजन के बिना एक भी मौत नहीं हुई। सिर्फ सनसनी फैलाई गई। इससे सरकारी अस्पताल में गरीबों को मिल रही सेवा से भरोसा टूटा। गरीब प्राइवेट के पास जाने को मजबूर हो रहा है। यह जघन्य पाप है

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