म्यांमार में हिंदुओं पर अत्याचार की सच्ची तस्वीर….

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DNA में अब हम म्यांमार के रखाइन में हिंदुओं की तकलीफों और शोषण की बात करेंगे. आपको याद होगा कि सबसे पहले ज़ी न्यूज़ ने ही रखाइन से हिंदुओं के सामूहिक नरसंहार की ख़बर दिखाई थी. लेकिन बहुत से न्यूज़ चैनल आपको म्यांमार की बासी Reports दिखाकर ये दावा कर रहे हैं कि वो सबसे पहले रखाइन पहुंचे हैं. ऐसा भ्रम फैलाने वाले न्यूज़ चैनलों से आपको सावधान रहने की ज़रूरत है. म्यांमार में हमारी ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद देश का मीडिया गहरी नींद से जागा है. और बहुत से न्यूज़ चैनलों ने अपने Reporters को म्यांमार भेजा है.  धर्म के चश्में से देखी जाने वाली ख़बरों का पर्दाफाश किया था. और आपको बताया था कि कैसे रखाइन में हिंदुओं को बड़ी ही बेरहमी से मारकर उन्हें दफना दिया गया था.

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हम आपको उस जगह भी लेकर गए थे, जहां हिंदुओं की सामूहिक कब्रगाह बनाई गई थी. जिसमें से 45 शव निकाले गए थे. ये ऐसा इलाका था, जहां से 1 हज़ार से ज्यादा हिंदू गायब हो गये. इन हिंदुओं की हत्या रोहिंग्या मुसलमानों के आतंकवादी संगठन ARSA यानी Arakan Rohingya Salvation Army के आतंकवादियों ने की थी. मरने वाले हिंदुओं में बहुत सी महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.

कुछ महिलाओं को ARSA के आतंकवादी बांग्लादेश भी लेकर गए थे. हमारी इस ख़बर का असर ये हुआ है कि म्यांमार सरकार ने कल ही 8 हिंदू महिलाओं और 8 बच्चों को बांग्लादेश के Refugee Camps में ढूंढ निकाला है. इस तरह के Camps में और भी बहुत सी हिंदू महिलाएं हो सकती हैं. उनकी तलाश की जा रही है.

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अपनी रिपोर्टिंग के दौरान हमने आपको वो शरणार्थी शिविर भी दिखाए थे, जहां सैकड़ों की संख्या में हिंदू परिवार रह रहे थे. ये वो लोग थे, जिनके घरों, बस्तियों और गांवों को रोहिंग्या आतंकवादियों ने जला दिया था.
और उन्हें बेघर कर दिया था. इस रिपोर्टिंग से पहले पूरी दुनिया रोहिंग्या मुसलमानों के दर्द की बात कर रही थी, लेकिन वहां पर रहने वाले हिंदुओं की बात कोई नहीं कर रहा था. हमें इस बात की खुशी है कि देर से ही सही भारतीय मीडिया को कम से कम म्यांमार के हिंदुओं की याद तो आई.

किसी भी घटना को इंसानियत के चश्में से देखना चाहिए.. धर्म के चश्में से नहीं. म्यांमार के हिंदुओं की तकलीफ हमने दुनिया के सामने रखी.. और हमारी रिपोर्टिंग ने जागृति फैलाने का काम किया. हमें खुशी है कि हमारी रिपोर्टिंग का असर हो रहा है और अब इन लोगों के दर्द को भी रिपोर्ट किया जा रहा है.

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