बुजुर्गो में अकेलेपन और असुरक्षा का बढता प्रभाव…

0
227
views

बुजुर्ग जो 60 साल से ज्यादा की उम्र के हैं शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का शिकार हैं, देश के कई महानगरों में हुए एक ताजा सर्वेक्षण के बाद ये बात समाने आयी हैं इनमें से लगभग आधे लोगों ने कहा कि वह अपने ही घर में बेगाने हैं.इनमें से लगभग आधे लोगों ने कहा कि वह अपने ही घर में बेगाने हैं.एक साल में उत्पीड़न के शिकार बुजुर्गों की तादाद दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है. फिलहाल भारत में ऐसे लोगों की आबादी 10 करोड़ है

इन लोगों को डर है कि एक बार पुलिस में शिकायत के बाद उन पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न तेज हो सकता है. इन लोगों को डर है कि एक बार पुलिस में शिकायत के बाद उन पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न तेज हो सकता है. जिन लोगों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया उनमें से 92 फीसदी अपने मकान में ही रहते हैं. बावजूद इसके उनको उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है. सर्वेक्षण के नतीजों में कहा गया है कि ऐसे बुजुर्गों में से आधे अपने ही घर में कैदी की तरह रह रहे हैं.

बुजुर्गों का दर्द

वरिष्ठ नागरिकों को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है आज की युवा पीढ़ी के पास माता पिता का दुख दर्द सुनने का समय नहीं है. युवा वर्ग ने भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा को भी दरकिनार कर दिया है. 72 साल की शाश्वती घोष ने तीन साल पहले अपनी संपत्ति बेटी के नाम कर दी. लेकिन बेटी दामाद ने उनका ख्याल रखना छोड़ दिया.

विशेषज्ञों की राय

समाजशास्त्री सुनील धर कहते हैं, “ज्यादातर मामलों में कमाऊ बच्चे अपने बुजुर्ग माता पिता को घर से अलग कर देते हैं और सप्ताह में एक बार उनसे मिलने जाते हैं.” वह कहते हैं कि ऐसे बुजुर्गों की स्थिति फिर भी कुछ बेहतर है. लेकिन घर बेटे बहू या फिर बेटी दामाद के साथ रहने वाले बुजुर्गों की हालत दयनीय है. ज्यादातर मामलों में संपत्ति का मालिक होने के बावजूद उनको रोजाना कटुक्तियां झेलनी पड़ती हैं. टूटते संयुक्त परिवारों ने बुजुर्गों की बदहाली में अहम भूमिका निभाई है. अब एकल परिवारों में लोगों को बुजुर्गों की रोक-टोक पसंद नहीं आती. इस वजह से उन लोगों को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस सामाजिक समस्या को दूर करने के लिए सरकार के साथ साथ गैरसरकारी संगठनों को भी आगे आना होगा. उसी स्थिति में बुजुर्गों को समाज और परिवार में वह सम्मान मिल सकेगा जिसके वह हकदार हैं.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here