बीजेपी की नाक काटी-गुजरात राज्यसभा चुनाव में नाचा कांग्रेस का डंगा ………..

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गुजरात में कटी BJP की नाक कल गुजरात में राज्य सभा की तीसरी सीट के लिए चुनाव किया गया जिसमें 44 कांग्रेस विधायको नें राज्यसभा सदस्य के लिए अपना वोट दिया हैं।

गुजरात राज्यसभा चुनाव में आखिरकार  के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद नतीजे सामने आए. बीजेपी की तमाम कोशिशों को धराशाई करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल ने जीत दर्ज की. वहीं बाकी दो सीटों पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को जीत मिली. चुनाव में कुल 176 वोट किए गए थे, जिनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 की काउंटिंग की गई. अहमद पटेल ने 44 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत राजपूत को शिकस्त दी.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को 46 वोट मिले. वहीं स्मृति ईरानी को भी 46 वोट मिले. जबकि बलवंत सिंह राजपूत को महज 38 वोट मिले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमित शाह और स्मृति ईरानी को चुनाव जीतने पर बधाई दी.

 

जीत के बाद अहमद पटेल ने पार्टी नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया. पटेल ने ट्वीट कर सत्य की जीत होने की बात कही. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये सिर्फ मेरी जीत नहीं है, बल्कि सत्ता, पैसे और स्टेट मशीनरी के दुरुपयोग की हार है.

मंगलवार शाम वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दोनों विधायकों ने वोटिंग के दौरान अपने बैलेट अमित शाह को दिखाए, जो नियम के खिलाफ है. हालांकि, बीजेपी इसे नकारती रही.

 

इसके बाद गुजरात राज्यसभा चुनाव का रण दिल्ली पहुंच गया. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग जाकर मामले की शिकायत की. साथ ही उन्होंने अपनी दलील पेश करते हुए दो विधायकों के वोट रद्द करने की अपील की. कांग्रेस की इस प्रयास को कमजोर करने के लिए बीजेपी ने 6 केंद्रीय मंत्रियों का डेलीगेशन चुनाव आयोग भेजा. वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और धर्मेंद्र प्रधान ने चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर कांग्रेस की अपील को दरकिनार करने की मांग की.

बीजेपी का डेलीगेशन चुनाव आयोग के दफ्तर से निकला ही थी कि कुछ देर बाद वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लग गया. वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद समेत कई नेताओं ने आयोग पहुंचकर अपनी दलीलें पेश कीं. कांग्रेस ने यहां हरियाणा में वोट रद्द होने की घटना का उदाहरण दिया. कांग्रेस के बाद फिर बीजेपी और बीजेपी के बाद फिर कांग्रेस, इस तरह से दोनों पार्टियों के नेता तीन-तीन बार आयोग में अपना पक्ष लेकर पहुंचे.

 

इसके बाद चुनाव आयोग में घंटों तक माथापच्ची चली. आखिरकार रात करीब 12 बजे आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द करने का आदेश दिया. इस आदेश के साथ ही आयोग ने वोटों की काउंटिंग के भी निर्देश दिए. हालांकि, बीजेपी ने आयोग के इस फैसले को गलत ठहराया. गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने आयोग के फैसले को गलत बताते हुए नाराजगी जताई. इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर में काउंटिंग सेंटर के बाहर मौजूद रहे. उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी के साथ कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

 

 

 

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