बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने खेला दलित कार्ड, सीपी जोशी पंडित होने पर पर कर हे हैं पार्टी को गुमराह

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उन पर पहले से ही आरोप लग रहा था कि विधायकों के टूटने की स्थिति में वह एक धड़े की अगुवाई कर सकते हैं.

पटना: बिहार में विधायकों के टूटने की आशंका के बीच कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चौधरी को बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी से हटा दिया है. इसके बाद से ही उनके सुर बगावती हो गए हैं. उन पर पहले से ही आरोप लग रहा था कि विधायकों के टूटने की स्थिति में वह एक धड़े की अगुवाई कर सकते हैं. एनडीटीवी से खास बातचीत में उन्होंने कहा उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे पार्टी महासचिव सीपी जोशी का हाथ है. उन्होंने कहा कि दलित नेताओं को ऐसे ही पार्टी से बाहर निकाला जाता है. हालांकि अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि राजनीति में उन्हें जो भी मुकाम हासिल हुआ है उसके पीछे राहुल गांधी की बड़ी भूमिका है. वहीं जब उनसे लालू प्रसाद यादव के साथ काम करने का सवाल किया गया तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए यह मुमकिन नहीं है.

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अशोक चौधरी ने पार्टी के महासचिव और बिहार प्रभारी सीपी जोशी पर हमला करते हुए कि जिस तरह उन्होंने मणिपुर, बंगाल और असम में पार्टी की लुटिया डुबोई है वैसा ही बिहार में करना चाहते हैं. आलाकमान की ओर से की गई कार्रवाई पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए चौधरी ने कहा कि बिहार प्रदेश अध्यक्ष के पद से मैं सम्मानित विदाई का हकदार था. लेकिन सीपी जोशी ने आलाकमान ने गुमराह किया है.

  अशोक चौधरी का हमला
नीतीश कुमार के साथ मधुर संबंधों की बात को अशोक चौधरी ने पूरी टाल दिया और बातों ही बातों में उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के आरजेडी सुप्रीम लालू प्रसाद यादव के संबंधों पर विरोध भी बार-बार जाहिर किया. फिलहाल बिहार की राजनीति में बदलते लगातार बदलते घटनाक्रमों के बीच यह तो तय है कि कांग्रेस में विभाजन हो या न हो लेकिन लालू प्रसाद यादव को कांग्रेस के बागी नेताओं के हमले के लिए तैयार हो जाना चाहिए.

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