बांद्रा के पास झोपड़पट्टी में लगी आग को लेकर राज ठाकरे ने नानापाटेकर पर कशा निशाना….

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 राज ठाकरे ने खुद कबूला है कि 26 अक्टूबर को बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास झोपड़पट्टी में लगी भयंकर आग हादसा नहीं था, उसे जानबूझकर लगाई गई थी. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक राज ठाकरे ने कहा, ‘ये जो झोपड़पट्टी में आग लगी थी, ये लगाई गई थी, वहां सब बांग्लादेशी हैं, न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS)  ने कहा, “वहां सब बांग्लादेशी हैं, उनके आधार भी बन जाते हैं, अगर ऐसे ही चलता रहा तो पाकिस्तान की जरूरत नहीं, इन्हीं से युद्ध करना पड़ सकता है।”कौन कहां से आता है, कहां जाता है, कोई हिसाब नहीं है.’ ठाकरे यहीं नहीं रुके, उन्होंने अभिनेता नाना पाटेकर पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि वे फेरीवालों का समर्थन करके ठीक नहीं कर रहे हैं. उन्होंने नाना पाटेकर की नकल उतारते हुए कहा कि बिना मुद्दे की पूरी जानकारी के कभी कुछ नहीं बोलना चाहिए. यहां गौर करने वाली बात यह है कि नाना पाटेकर को फेरीवालों का समर्थन करने पर मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम का साथ मिल चुका है. मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने नाना के बयान पर उन्हें शुक्रिया कहा था।

राज ठाकरे अवैध रेहड़ीवालों के मुद्दे पर सीएम  को दिया ज्ञापन

अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में एमएनएस वर्कर्स ने मुंबई और ठाणे में उत्तर भारतीय फेरीवालों की पिटाई की थी। बाद में फेरीवालों ने भी एमएनएस वर्कर्स पर हमला बोला था। जिसके बाद कांग्रेस फेरीवालों के सपोर्ट में सामने आई थी। कांग्रेसी 1 नवंबर को दादर रेलवे स्टेशन के बाहर फेरीवालों के सपोर्ट में प्रदर्शन कर रहे थे, उसी दौरान एमएनएस वर्कर्स ने उन पर भी हमला किया था।
एमएनएस वर्कर्स और कांग्रेसियों के बीच संघर्ष के चलते इलाके में तनाव फैल गया था। पुलिस को दोनों पक्षों पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था। एमएनएस ने संजय निरूपम पर तनाव भड़काने का आरोप लगाया था। राज ठाकरे ने यह भी कहा, ” मैं मलाड में एमएनएस वर्कर्स पर हमले को भूला नहीं हूं और इसका जवाब दूंगा।”

“फेरीवालों की तरफ से बीएमसी को हर साल 2000 करोड़ रुपए का हफ्ता मिलता है, इस कारण वह फेरीवालों पर कोई कार्रवाई नहीं करती।”

दो दिन पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मुंबई में अवैध रेहड़ीवालों के मुद्दे पर चर्चा की. यह बैठक ऐसे समय हुई जब कल रेहड़ीवालों ने आजाद मैदान में धरना देकर रेहड़ीवालों के लिए नीति तैयार करने की मांग की थी. कल मनसे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच रेहड़ी वालों के मुद्दे पर दादर में भिड़ंत हो गई थी.

मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने कहा कि उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार से रेहड़ीवालों पर अदालत के आदेश को लागू करने को कहा है. नंदगांवकर ने कहा, ‘अगर सरकार अदालत के आदेश लागू करती है तो हमें (मनसे को) रेहड़ीवालों के खिलाफ आंदोलन चलाने की जरूरत नहीं होगी.’ मुंबई कांग्रेस प्रमुख संजय निरूपम ने रेहड़ीवालों के समर्थन में दादर में एक मोर्चा आयोजित किया था. इन रेहड़ीवालों को राज ठाकरे नीत पार्टी ने निशाना बनाया था.

शहर में अवैध रेहड़ीवालों को आड़े हाथ लेते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने कल केवल तय स्थानों पर रेहड़ी लगाने का आदेश देते हुए फुट और रेल ओवरब्रिजों पर तथा रेलवे स्टेशनों के 150 मीटर के दायरे में इन गतिविधियों पर पाबंदी लगाई थी.

एमएनएस वर्कर्स पर हमले का जवाब दूंगा

आग से लोकल ट्रेन सर्विस पर पड़ा था असर

– बांद्रा स्टेशन के पास के इलाके बेहरामपाड़ा में 26 अक्टूबर को आग लग गई थी। इसका कारण सिलेंडर का फटना बताया गया था। आग स्टेशन से सटे झोपड़ों में लगी थी और इसकी तपन टिकट खिड़की तक महसूस की गई थी। दमकल की 16 गाड़ियों और 10 वाटर टैंकर की मदद से करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका था।
– आग की चपेट में आने से दमकल कर्मी समेत दो लोग जख्मी हुए थे। हादसे से शहर में लोकल ट्रेन सेवा पर भी असर पड़ा था। बांद्रा से हार्बर लाइन की ट्रेनों को रोक दिया गया था।

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