पैन.आधार लिंक कराने का आज आखिरी दिनए नहीं तो रिटर्न प्रॉसेस हो सकता हैं….

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भोपाल/नई दिल्ली. पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने की आखिरी तारीख गुरुवार को खत्म हो रही है। लिंक न कराने वाले इनकम टैक्स पेयर्स के रिटर्न प्रॉसेस नहीं होंगे। अभी आधार केवल रसोई गैस की सब्सिडी लेने, बैंक खाता खोलने और मोबाइल फोन की सिम हासिल करने के लिए मान्य दस्तावेज है। अब इसे इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए भी अनिवार्य (mandatory) बनाया जा रहा है। जिनके रिटर्न प्रॉसेस नहीं हुए वे लोग नॉन फाइलर माने जाएंगे…
Q&A में मामला
Q. मैंने रिटर्न भरा था, प्रॉसेस नहीं हुआ तो क्या पेनाल्टी लगेगी?
– 31 अगस्त तक जिनके रिटर्न प्रॉसेस नहीं हुए वे लोग नॉन फाइलर माने जाएंगे। आयकर विभाग उन पर पेनाल्टी के साथ नोटिस भी भेज सकता है। पेनाल्टी तय नहीं है।
Q. तो क्या दोबारा रिटर्न फाइल करना पड़ेगा?
-1 सितंबर के बाद भी नया रिटर्न फाइल नहीं करना है। पुराना रिटर्न आधार-पैन लिंक होते ही खुद प्रॉसेस हो जाएगा। लिंक करने की तारीख भी बढ़ सकती है।
(जैसा टैक्स एक्सपर्ट राजेश जैन ने बताया)
सरकारी स्कीम्स में आधार जरूरी होने की डेडलाइन 31 दिसंबर तक बढ़ी
– केंद्र सरकार ने सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड जरूरी होने की डेडलाइन 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अब नवंबर के पहले हफ्ते में सुनवाई करेगा।
– चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि मामले की जल्द सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि सरकार 30 सितंबर की डेडलाइन को आगे बढ़ाएगी।
– आधार मामले की कई पिटीशन भी दायर की गई थीं, जिसमें सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान पैरवी कर रहे हैं। दीवान ने कोर्ट से अपील की थी केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली पिटीशन पर जल्द सुनवाई की जाए।
– बता दें कि सरकार ने कहा था कि सरकार की सोशल वेलफेयर स्कीम्स के लिए आधार को मेंडेटरी किया जाना चाहिेए। इसके लिए 30 सितंबर की डेडलाइन तय की थी।
SC ने और क्या कहा?
– चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अमिताव रॉय और जस्टिस एएम खानविलकर की बेंच ने कहा, “केंद्र ने 31 दिसंबर तक समयसीमा बढ़ा दी है। लिहाजा इस मामले में कोई जल्दी नहीं है। नवंबर के पहले हफ्ते में सुनवाई होगी।”
– 7 जुलाई को बेंच ने कहा था कि आधार से जुड़े सभी मामलों की अंतिम रूप से सुनवाई एक बड़ी बेंच को करना चाहिए।
– 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 5 जजों की बेंच आधार और प्राइवेसी से जुड़े मामले की सुनवाई करेगी।
– 18 जुलाई को 5 जजों की बेंच ने कहा कि 9 जजों की बेंच राइट टू प्राइवेसी पर फैसला करेगी।
– 24 अगस्त को 9 जजों की बेंच ने राइट टू प्राइवेसी को फंडामेंटल राइट करार दिया। साथ ही कहा कि इसकी सुरक्षा ‘जीवन का अधिकार’ (आर्टिकल 21) की तरह करना चाहिए।

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