पूर्व BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के पिता प्रेम कुमार धूमल होंगं BJP CM के उम्मीदवार…

0
253
views

 

चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने प्रेम कुमार धूमल को पार्टी का सीएम कैंडिडेट बनाया है। पार्टी प्रेसिडेंट अमित शाह ने खुद इसका एलान किया। धूमल को हिमाचल की राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता है। उनके बड़े बेटे अनुराग ठाकुर भी सांसद हैं और बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। BCCI के अध्यक्ष पद से हटाए गए अनुराग ठाकुर इसके दूसरे सबसे युवा अध्यक्ष थे। अक्सर क्रिकेट बोर्ड और इंडियन क्रिकेट को लेकर चर्चा में रहने वाले ठाकुर की पर्सनल लाइफ हमेशा लाइमटाइट से दूर ही रही। रॉयल फैमिली में पैदा हुए ठाकुर की वाइफ भी मंत्री की बेटी हैं। दोनों ने 27 नवंबर, 2002 को शादी की थी। टेरिटोरियल आर्मी में कमिशन दिया गया है।

  शेफाली ठाकुर…
 अनुराग ठाकुर की वाइफ का नाम शेफाली है। वो हिमाचल प्रदेश के पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट में मंत्री रहे गुलाब सिंह ठाकुर की बेटी हैं।
अनुराग-शेफाली ने 2002 में शादी की थी। कपल के दो बेटे जयादित्य और उदयवीर हैं।
पहले भी सीएम रह चुके हैं अनुराग के पिता
अनुराग खुद भी पॉलिटिकल फैमिली से आते हैं। उनके पिता प्रेम कुमार धूमल दो बार हिमाचल प्रदेश के सीएम रह चुके हैं।
अनुराग ठाकुर का जन्म 24 अक्टूबर, 1974 को हमीरपुर में हुआ था। उनका एक छोटा भाई अरुण ठाकुर भी है।
अनुराग ठाकुर की स्कूलिंग जालंधर के दयानंद मॉडल स्कूल से हुई। उन्होंने जालंधर के ही दोआबा कॉलेज से बीए किया। यहीं से उनके पिता ने भी पढ़ाई की थी।
मई, 2008 में राजनीति में एंट्री ली और पिता की जिम्मेदारी संभाली। बीजेपी की ओर से 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा के लिए चुने गए।
मई, 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष चुने गए, जब शशांक मनोहर ICC के प्रेसिडेंट बन गए थे। उससे पहले बोर्ड में सचिव थे।
29 जुलाई, 2016 को बीजेपी के पहले ऐसे सांसद बने जिन्हें Territorial army में नियमित कमिशन्ड ऑफिसर बनाया गया।
ऑल इंडिया भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रेसिडेंट बनाए गए। 26 जनवरी, 2011 को कोलकाता से श्रीनगर (लाल चौक) तक झंडा फहराने के लिए निकाले गए मार्च से सुर्खियों में आए।
बचपन से ही क्रिकेट के लिए क्रेजी थे। वो ऑफ ब्रेक बॉलर थे। ग्रुप लेवल पर पंजाब और नॉर्थ जोन को रिप्रेजेंट किया। U-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में पंजाब की कप्तानी भी कर चुके हैं।
25 साल की उम्र में जब युवा क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, अऩुराग तब जूनियर नेशनल सिलेक्टर बनना चाहते थे। इसके लिए कैंडीडेट को कम से कम एक रणजी मैच खेलना जरूरी था, लेकिन उनके पास ये अनुभव नहीं था।
अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने 2000-2001 में सिर्फ एक रणजी मैच खेलकर क्रिकेट से रिटायमेंट ले लिया था। ये मैच हिमाचल प्रदेश और जम्मू टीम के बीच था। उन्होंने मैच में 2 विकेट लिए थे।
26 साल की उम्र में वो हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बन गए थे। HPCA के सबसे युवा प्रेसिडेंट।
अपने प्रदेश में क्रिकेट की सुविधाएं बढ़ाने और खेल को बेहतर बनाने के लिए कई काम किए। धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम ठाकुर की ही देन है। अब फुलटाइम क्रिकेट एकेडमी खोलने की भी तैयारी।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने 2014 में उन्हें ग्लोबल यंग लीडर्स की अपनी लिस्ट में शामिल किया था

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here