पुरुषों के बजाय महिलाएं सिंगल रहकर जीती हैं ज्यादा खुशहाल जिन्दगी….

0
1677
views

61 फीसदी सिंगल महिलाएं सिंगल होकर ही खुश हैं वहीं पुरुषों में यह आंकड़ा 49 फीसदी ही पाया गया। सेक्स यूनिवर्सिटी की प्रफेसर एमिली बताती हैं, ‘यह देखा गया है कि महिलाएं घरेलू कामों में पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा वक्त बिताती हैं और मुझे लगता है कि वे इमोशनल मेहनत भी ज्यादा करती हैं।’   पुरुषों के बजाय महिलाएं सिंगल रहकर ज्यादा खुश रहती हैं क्योंकि रिलेशनशिप में रहना उनके लिए ज्यादा कठिन होता है। यह बात हाल ही में हुए एक शोध में सामने आई है।

सर्वे में यह भी सामने आया कि 75 फीसदी सिंगल महिलाओं ने बीते साल में कोई पार्टनर ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की वहीं ऐसे पुरुष 65 फीसदी ही थे। इसके पीछे वजह यह सामने आई कि महिलाओं के लिए हेट्रोसेक्शुअल रिलेशनशिप में होना काफी मेहनत का काम है और पुरुषों की अपेक्षा उन्हें इसके लिए ज्यादा एफर्ट की जरूरत पड़ती है।

खुद को अच्छा दिखाने के लिए ज्यादा मेहनत, पैसे खर्च करने से लेकर, घर के ज्यादा काम करना, समस्याओं और झगड़ों को निपटाने में मेहनत करना, ये सब हेट्रोसेक्शुअल रिलेशनशिप में होने पर करना पड़ता है और इसमें महिलाओं को काफी मेहनत करनी पड़ती है।

महिलाएं को अकेले रहकर सबकी जिम्म्ेदारी सम्भालनी होती हैं और वे अकेले रहकर पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा खुश रहती हैं। हमारे कुछ करीबी दोस्त होते हैं जो हमारी जरूरत के वक्त काम आ सकते हैं इसके अलावा हम खुद से भी समाज से बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं।श्

डॉ एमिली बताती हैंए श्महिलाओं के पास विकल्प के रूप में दूसरे सोशल नेटवर्क्स होते हैं जबकि पुरुष अपने हर काम के लिए काफी हद तक अपनी पत्नी पर भी निर्भर रहते हैं। यह बात भी सच है कि कई शोधों में यह साबित हुआ है कि जिन महिलाओं के पार्टनर नहीं होते वे सोशल एक्टिविटीज में ज्यादा हिस्सा लेती हैं वहीं पुरुष का पार्टनर न हो तो वे ऐसा कम कर देते हैं। तो शायद यह भी हो सकता है कि महिलाओं के पास कई विकल्प होते हैं। महिलायें अकेले जीवन बीताने में अधिक सक्षम हैं। महिलायें प्रत्येक कार्य एवं जीवन व्यापन में सक्षम हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here