पढे कैसे 5 हजार का 1 पपीता बेचता था बाबाए और सोने के भाव बिकती थी बेचते थे सब्जी……

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रोहतक।साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम तो रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहा है, लेकिन उसके रोज ही नए-नए किस्से सामने आ रहे हैं। बाबा खुद को भगवान का दूत बताता था। धर्म की आड़ में वह बेजा फायदा उठाकर लोगों को ब्लैकमेल करता था। गुरमीत डेरा प्रेमियों को सोने के भाव से सब्जियां बेचा करता था। एक हरी मिर्च एक हजार की और आधा किलो मटर लाख की…
– आपको बता दें बाबा राम रहीम का सिरसा में डेरा करीब 700 एकड़ में फैला है, जहां वह सैकड़ों एकड़ में खेती भी करता है।
– बाबा की सब्जियां इतनी महंगी होती थी कि दुनिया की किसी मंडी में इतनी महंगी सब्जी नहीं बिकती होगी।
– राम रहीम अपने भक्तों को मन मुताबिक दामों पर सब्जी बेचता था। वह भक्तों को भगवान के प्रसाद के नाम पर फंसाता था।
5000 रुपये में एक पपीता बेचता था बाबा
– गुरमीत डेरे के लोगों को एक हरी मिर्च एक हजार रुपए की बेचता था।
– बाबा बैंगन के साइज के हिसाब से उसके रेट तय करता था। एक छोटा बैंगन एक हजार रुपए का अगर बैंगन का साइज बड़ा हो तो उसकी कीमत और ज्यादा होती थी।
– राम रहीम की सब्जी मंडी में मटर के पांच दानों का पैक एक हजार रुपए में मिलता है। अगर आपने आधा किलो मटर लिया तो करीब लाखों में उसकी कीमत होगी।
– राम रहीम भगवान के प्रसाद के नाम पर अपने भक्तों को 5000 रुपए में एक पपीता बेचता था। बाबा दो टमाटर के दो हजार रुपए चार्ज करता था।
ऐसे घर-घर पहुंची थी बाबा की लाखों की सब्जी
– खबरों की माने तो बाबा के डेरे में सब्जी को भक्तों के घर पहुंचाने का जिम्मा भंगीदास का होता था। भंगीदास डेरे के नाम चर्चा घर में मंच का संचालन करते हैं।
– ग्रामीण और शहरी नाम चर्चा घरों के भंगीदार अलग-अलग होते हैं, दोनों के ऊपर ब्लॉक का भंगीदास होता है। डेरा को घर-घर से जोड़ने के लिए बाबा ने यह सिस्टम बनाया था।
इसलिए महंगी सब्जी खरीदते थे बाबा के भक्त
– भक्त राम रहीम के इतने अंध भक्त थे कि वो किसी भी दाम पर इन सब्जियों को खरीद लेते थे।
– भक्त कहते थे कि हमारे पिता ने अपने हाथों से इन सब्जियों को उगाया है। इन्हें खाने से हमें कोई बीमारी नहीं होगी।
– अंधभक्ति ऐसी थी कि बाबा के बाग की सब्जी का स्वाद हर कोई चखना चाहता था।
– परिवार के एक सदस्य को भी हजारों की कीमत का मटर का एक दाना मिलता तो वो खुद को धन्य समझता।

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