नवाज शरीफ ने मांगा पाकिस्तानी जनता से शराफत का प्रमाण…………..

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पाकिस्तान में नवाज शरीफ के स्तीफे के बाद शाहिद अब्बासी को इंटरिम पीएम बनाया गया था नवाज शरीफ ने इशारो इशारो में कहा मुझे फर्क नहीं पडता हैं की पार्टी मेरे बारे में क्या सोचती हैं।   मैं कभी भी करप्शन के चार्जेस पर डिस्क्वालिफाई नहीं हुआ। मैं जिन्दगी मैं अपनी कुर्सी का फायदा कभी पैसे लेकर नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को पार्टियमेंट में ईमानदार सदस्य न होने के काबिल कहा है। नवाज शरीफ ने कहा केवल मेरी फैमिली को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया क्या पाकिस्तान में सब अमीन और सादिक हैं, मेरा मन साफ है। जब मैंने कुछ गलत नहीं किया या फिर इस मुल्क से ऐसा कुछ नहीं लिया जो मेरा ना हो, तब मैं गुनहगार क्यों महसूस करूं?”
क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में?
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सुप्रीम कोर्ट के जज एजाज अफजल खान ने कहा, नवाज शरीफ अब पार्लियामेंट के ईमानदार सदस्य बने रहने के काबिल नहीं हैं।
कोर्ट ने कहा कि शरीफ ने जब 2013 के जनरल इलेक्शन में नॉमिनेशन भरा था, तब उन्होंने अपने बेटे की दुबई बेस्ड कंपनी से होने वाली आय का खुलासा करने में ईमानदारी नहीं बरती थी।
कोर्ट के आदेश के क्या मायनेघ्पाकिस्तान में अगले साल यानी 2018 में आम चुनाव होने हैं। इसके पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने नवाज को करप्शन के आरोप में डिस्क्वालिफाई कर दिया। पाकिस्तान के इतिहास में कोई भी प्रधानमंत्री अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। किसी प्रधानमंत्री को मिलिट्री ने बेदखल कर दिया तो किसी को ज्यूडिशियरी ने। किसी को उसकी अपनी ही पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।
. पाकिस्तान के इतिहास में ये दूसरी बार है जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी मौजूदा प्रधानमंत्री को डिस्क्वालिफाई किया। 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने यूसुफ रजा गिलानी को डिस्क्वालिफाई किया था।

. पीएम की पोस्ट के लिए 5 नामों का जिक्र किया जा रहा था। इनमें पहला नाम नवाज के भाई शाहबाज शरीफ का है। इनके अलावा ख्वाजा आसिफ, शाहिद खान अब्बासी, अहसान इकबाल और अयाज सादिक का नाम भी पीएम पोस्ट के लिए चर्चा में था।
नवाज की 3 मुश्किलेंनवाज अगर अपने छोटे भाई शाहबाज को पीएम बनाते हैं तो इसमें भी उनके सामने 3 दिक्कतें आ सकती हैं।
शाहबाज भी पंजाब प्रांत के सीएम हैं। उन्हें नेशनल असेंबली के लिए चुनकर आना होगा। तब तक इंट्रिम प्राइम मिनिस्टर रहेगा। ये नवाज का खास होना चाहिए ताकि जब शाहबाज इलेक्शन जीतकर आएं तो वो इस्तीफा दे दे।
अगले साल जून में नेशनल असेंबली यानी संसद के चुनाव हैं। पंजाब प्रांत पर फिलहाल तो शाहबाज और नवाज की पकड़ है। लेकिनए अगर शाहबाज पीएम बनते हैं तो इस बात का डर है कि इस बड़े प्रदेश पर उनका दबदबा कम हो जाए। इसका सीधा फायदा इमरान खानको मिल सकता है।
द्ध शाहबाज की जगह उनके बेटे हमजा को पंजाब का सीएम बनाया जा सकता है। लेकिनए हमजा नेशनल असेंबली के मेंबर हैं। उनको भी प्रॉविंशियल असेंबली के लिए इलेक्ट होना पड़ेगा। इससे परिवारवाद का आरोप लगेगा। अपोजिशन इसे कैश कर सकता है।

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