नमाज पढने वाले मुलायम सिंह अब जप रहे हैं कृष्ण की माला..

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मुलायम सिंह यादव के भगवान कृष्ण को राम से अधिक पूज्यनीय बताने वाले बयान पर पूर्व एसपी नेता अमर सिंह ने पलटवार किया है।पिछले दिनों सैफई में अखिलेश यादव के भगवान श्रीकृष्ण की 50 फीट की प्रतिमा बनवाए जाने के बाद मुलायम ने भगवान कृष्ण पर बयान दिया था।  अमर सिंह ने मुलायम पर तीखा वार करते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान अल्लाह-अल्लाह की रट लगाने वाले अखिलेश और मुलायम अब वोट बैंक के लिए कृष्ण-कृष्ण का जाप करने लगे हैं।

अमर सिंह गाजियाबाद के सूर्य नगर में निकाय चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचे पहुंचे थे, जहां पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने अखिलेश और मुलायम पर जमकर निशाना साधा। अमर सिंह ने कहा कि अमर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी को मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने नमाजवादी पार्टी बना दिया था। कृष्ण उत्तर प्रदेश में जन्मे और द्वारिकाधीश बनें, वहीं गुजरात में जन्मे नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश से आकर सांसद बने और फिर प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कृष्ण की तरह उत्तर प्रदेश से लेकर गुजरात तक पूरे देश में एक सेतु बनाने का काम किया है। अब देश में बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदुत्व का बीड़ा उठाया है तो मुलायम भी कृष्ण की शरण में आ गए हैं।

खबर आई थी कि यूपी के सैफई में भगवान कृष्ण की 50 फीट ऊंची कांसे की प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है और अखिलेश यादव वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले लालू यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं की मौजूदगी में इसका अनावरण करेंगे। पिछले छह महीने से बेहद गोपनीय तरीके से बनाई जा रही इस मूर्ति को योजनाबद्ध तरीके से बनाया जा रहा है। इसके लिए पैसा सैफई महोत्सव आयोजित करने वाली सैफई महोत्सव कमिटी ने दिया है। इसके अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव हैं और अखिलेश यादव सदस्य हैं।

इस पर मुलायम सिंह ने कृष्ण को पूरे देश का आराध्य बताया था। यही नहीं उन्होंने कृष्ण को राम के मुकाबले अधिक पूजनीय बताया था। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि राम हमारे आदर्श हैं, लेकिन यह स्वीकार करना पड़ेगा कि श्रीकृष्ण ने समाज के हर तबके को समान माना और यही कारण है कि कृष्ण को पूरा देश समान रूप से पूजता है, जबकि राम सिर्फ उत्तर भारत में पूजे जाते हैं। बताया जा रहा है कि रथ का पहिया उठाने वाली मुद्रा में बनी इस प्रतिमा को यादव बहुल इलाके में लगाने का विचार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का था।

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