देखें कैंसे ब्लू व्हेल गेम में रात को कब्रिस्तान से भेजनी होती थी सेल्फी…

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करीब तीन महीने में ब्लू व्हेल गेम खेलने वाले देश के 9 लोगों सुसाइड कर चुके हैं।

पुड्डुचेरी.सुसाइड गेम ब्लू व्हेल की जद से बाहर आए एक शख्स ने बुधवार को अपना डरावना एक्सपीरियंस शेयर किया। उसने यूथ से ब्लू व्हेल को किसी भी हालत में ना खेलने की अपील की। कहा कि ये एक मौत का वर्चुअल जाल है। इससे जुड़ना आपके लिए जिंदगी का सबसे खतरनाक वक्त साबित हो सकता है। जो लोग इससे एडवेंचर लेना चाहते हैं उन्हें भी दिमागी तौर पर खोलला कर देगा। बीते दो महीने में ब्लू व्हेल गेम खेलने वाले देश के 9 लोगों सुसाइड कर लिया। बता दें कि रूस में बना ये गेम भारत समेत चीन, अमेरिका और कई देशों में गेम 130 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। पढ़ें, ब्लू व्हेल विक्टिम ने क्या बताया…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने ब्लू व्हेल गेम खेल रहे एलेक्जेंडर (22 साल) को मंगलवार को बचा लिया।
– इसके बाद स्टूडेंट ने मीडिया को बताया कि ब्लू व्हेल खेलना कितना खतरनाक है। पुलिस उसकी काउंसलिंग करा रही है।
सिर्फ गेम की लिंक भेजी जाती है
– एलेक्जेंडर ने बताया, ”गेम खेलने के लिए मुझे एक वॉट्सऐप ग्रुप में लिंक भेजी गई। इस ग्रुप में मेरे कई साथी जुड़े थे। दो हफ्ते बाद मैंने ऑनलाइन गेम खेलना शुरू कर दिया। यह डाउनलोड होने वाला कोई ऐप या गेम नहीं है, बल्कि इसकी सिर्फ एक लिंक ब्लू व्हेल एडमिन की ओर से यूजर को भेजी जाती है।”
कब्रिस्तान से सेल्फी भेजो, डरावनी फिल्में देखो
– ”हर रोज एडमिन की ओर से प्लेयर को टास्क दिया जाता है और इसे रात 2 बजे के बाद पूरा करना होता है। पहले कुछ दिनों तक निजी जानकारियां और फोटोज भेजने के लिए कहा जाता है। अगले दिन मुझसे कहा कि रात को पास के किसी कब्रिस्तान में जाकर सेल्फी लो और इसे ऑनलाइन पोस्ट करो। एडमिन के टास्क को पूरा करने के लिए कुछ दिन तक रोज कब्रिस्तान की सेल्फी भेजता रहा। फिर मुझे अकेले में डरावनी फिल्में देखने के लिए कहा गया। ये सब डर दूर करने के लिए कराया जाता है।”
खुद को कमरे में कैद करना होगा
– ”कुछ दिन बाद मुझे लोगों को घर पर नहीं लाने और कमरे में खुद को कैद करने लेने के लिए बोला गया। ये सब दिमागी रूप से कमजोर करने की कोशिश थी। मैंने गेम बीच में छोड़ने का फैसला कर लिया, क्योंकि मैं ये सब नहीं कर सकता था। करीब दो हफ्ते बाद ही मेरे भाई के बिहेवियर में भी इसी तरह का बदलाव देखने को मिला। इसके बाद मैंने रात 4 बजे पुलिस को कॉल कर मदद मांगी। तब वह कमरे में चाकू से अपने हाथ पर ब्लू व्लेह की इमेज बना रहा था।”
# ब्लू व्हेल गेम नहीं एक ट्रैप (जाल)
– टीन एजर्स गेम मानकर ब्लू व्हेल के जाल में फंस रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ब्लू व्हेल ऐप तलाशे जा रहे हैं, लेकिन असल में यह न तो गेम है और न ही ऐप है। यह अपराधी किस्म के लोगों का एक ट्रैप (जाल) है, जो दुनियाभर में अब तक 130 से ज्यादा लोगों की जान ले चुके हैं। नासमझी में बच्चे इसके आसानी से शिकार बन रहे हैं।
# कहां बनाया गया ब्लू व्हेल?
– ‘ब्लू व्हेल’ के पीछे दिमाग है मास्को (रूस) के साइकोलॉजी स्टूडेंट फिलिप बुडेईकिन का। उसे गिरफ्तार किया जा चुका है और वह तीन साल की सजा काट रहा है। गेम से पहली मौक का मामला 2015 में आया था। गिरफ्तारी के बाद फिलिप ने कहा था, ”गेम का मकसद समाज की सफाई करना है। फिलिप की नजर में सुसाइड करने वाले सभी लोग ‘बायो वेस्ट’ (समाज के गैर-जरूरी) थे।”
# कैसे खेला जाता है ब्लू व्हेल?
– एडमिन की ओर से प्लेयर को रोज 50 दिन तक अलग-अलग टास्क दिए जाते हैं। फोटो शेयर कर टास्क पूरा होने का सबूत देना होता है। शुरुआती टास्क तो आसान होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे टास्क खतरनाक होते जाते हैं। आखिर में प्लेयर को ऐसी हालत में पहुंचा दिया जाता है कि वो एडमिन के आखिरी टास्क को पूरा करने के लिए सुसाइड के लिए तैयार हो जाए।
# गेम शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें: कोर्ट
– मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को यूनियन इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग सेक्रेटरी और होम सेक्रेटरी को नोटिस जारी किए। यूनियन और स्टेट गवर्नमेंट से कहा कि ब्लू व्हेल गेम को बैन करने का तरीका खोजा जाए। हाईकोर्ट ने आईआईटी मद्रास के डाइरेक्टर से कहा कि वो भी ये बताएं कि इस तरह के ऑनलाइन गेम्स पर कैसे रोक लगाई जा सकती है।
– सुनवाई के दौरान सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि हाल ही में मदुरई के जिस लड़के ने सुसाइड किया था, उसने 75 और लोगों को यह गेम फॉरवर्ड किया था। हालांकि, इन सभी को यह गेम खेलने से रोक दिया गया। हाईकोर्ट ने डीजीपी और होम सेक्रेटरी को सख्त ऑर्डर जारी करते हुए कहा कि वो इस गेम को शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।
# ब्लू व्हेल खोजने में टॉप 10 शहरों में 7 भारत के
– सरकार के रोक लगाने के बावजूद ब्लू व्हेल गेम काफी सर्च किया जा रहा है। 30 अगस्त तक गूगल सर्च के ट्रेंड से मिले डाटा के मुताबिक कोच्चि में नेट पर यह गेम दुनिया में सबसे ज्यादा सर्च किया गया। सालभर में कोच्चि में इसकी 100 गुना ज्यादा बार सर्चिंग हुई। दुनिया के टॉप 10 शहरों में 7 भारत के हैं। तिरुवनंतपुरम दूसरे और कोलकाता तीसरे पर है। बेंगलुरू छठे पर है। टॉप 10 में अन्य भारतीय शहर गुवाहाटी, मुंबई और दिल्ली भी हैं। भारत के अलावा अन्य देशों के तीन शहर सैन-ऐंटोनियो, नैरोबी और पेरिस शामिल हैं। वहीं सर्च करने वाले टॉप देशों में भारत चौथे नंबर पर है।
# क्या कदम उठाए गए?
– 11 अगस्त को ही सरकार ने इंटरनेट की बड़ी कंपनियों जैसे गूगल, फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, माइक्रोसॉफ्ट और याहू को ऑर्डर जारी किए थे। इसमें साफ तौर पर कहा गया था कि इस गेम को ये कंपनियां अपने सभी प्लेटफॉर्म्स से फौरन हटा दें।
– प्रसाद ने कहा, ”मैं इन कंपनियों से अपील भी करता हूं कि आईटी मिनिस्ट्री द्वारा दिए गए डायरेक्शंस को फॉलो करें। फिर भी अगर कोई कंपनी हमारी गाइडलाइन्स को वॉयलेट करती है तो इसको बहुत गंभीरता से लिया जाएगा।”
# देश में गेम का लिंक एक्टिव, पहचान के लिए बनेगी कमेटी
– ब्लू व्हेल गेम पर बैन के बावजूद इसके लिंक एक्टिव होने को सरकार ने गंभीरता से लिया। कुछ दिन पहले इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने जांच के आदेश दिए हैं कि रोक के बावजूद यह गेम कैसे एक्टिव है।
– प्रसाद ने कहा था कि साइबर हमला और ऐसे लिंक आने वाले समय में बड़ी चुनौती बनने वाले हैं। इसलिए सभी इंडस्ट्री को साइबर सुरक्षा अधिकारी अप्वॉइंट करने को कहा है। इसके लिंक की पहचान के लिए कमेटी बनाने का भी फैसला लिया गया।

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