छम्मक छल्लो’ कहना महिलाओं की बेइज्जती: कोर्ट, दोषी पर लगाया 1 रु. जुर्माना

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मुंबई.महाराष्ट्र की एक कोर्ट ने महिलाओं के लिए ‘छम्मक छल्लो’ शब्द इस्तेमाल किए जाने को अपराध माना है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इस शब्द से महिलाओं की बेइज्जती होती है। ठाणे कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने दोषी को दिनभर की सजा सुनाई और 1 रुपए का जुर्माना भी लगाया। पुलिस के शिकायत दर्ज नहीं करने पर 8 साल पहले महिला ने कोर्ट में इंसाफ की गुहार लगाई थी। बता दें कि कई बॉलीवुड फिल्मों यह शब्द धड़ल्ले से इस्तेमाल होता रहा है। शाहरुख खान की फिल्म रॉवन में करीना कपूर पर छम्मक छल्लो सॉन्ग फिल्माया जा चुका है। चेन्नई एक्सप्रेस मूवी में भी शाहरुख एक्ट्रेस के लिए यह शब्द बोल चुके हैं। कोर्ट ने क्या कहा…

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मजिस्ट्रेट आरटी इंगले ने फैसले में कहा कि आरोपी शख्स ने पड़ोसी महिला के लिए जो शब्द इस्तेमाल लिए थे। उनसे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची है। आईपीसी-509 के तहत किसी भी महिला के लिए ऐसा कहना अपराध माना जाता है।
– यह एक हिंदी शब्द है। अंग्रेजी में इसका कोई मीनिंग नहीं है। सिर्फ इस्तेमाल से ही भारतीय समाज में मतलब समझ लिया जाता है। आमतौर पर इसे किसी महिला की बेइज्जती के लिए कहा जाता है। यह कोई सराहनीय शब्द नहीं, बल्कि इससे महिलाओं के अंदर गुस्सा और चिड़चिड़ाहट पैदा होती है।
क्या है मामला?
– 9 जनवरी, 2009 को महिला ने शिकायत में बताया था कि पति के साथ मॉर्निंग वॉक से लौटते वक्त सीढ़ियों पर रखे एक कूड़ेदान से उसे ठोकर लग गई थी, जिसे उनके पड़ोसी ने रखा था। इसके बाद पड़ोसी के साथ उनकी कहा-सुनी हुई। बहस के दौरान आरोपी ने महिला के लिए कई बार छम्मक छल्लो शब्द का इस्तेमाल किया।
– महिला ने यह भी बताया- पड़ोसी के कहे गए शब्दों से मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची। कई दिनों तक मैं दुखी और परेशान रही। फिर मदद के लिए पुलिस के पास गई, लेकिन पुलिस ने इस मामले की शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद मैंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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