गौरी लंकेश मर्डर: कलबुर्गी, पानसरे और दाभोलकर की हत्याओं जैसा यह केस- CM

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सीएम सिद्धारमैया ने इस केस की तुलना कलबुर्गी, पानसरे और दाभोलकर की हत्याओं से की है।

बेंगलुरु. कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने जर्नलिस्ट गौरी लंकेश की हत्या की तुलना कलबुर्गी, पानसरे और दाभोलकर की हत्या से की है। उन्होंने कहा कि इन हत्याओं में एक जैसे हथियार का इस्तेमाल किया गया है। मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। उधर, राजनाथ सिंह ने इस मामले में कर्नाटक के होम सेक्रेटरी से रिपोर्ट मांगी है। राज्य में इस हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। बेंगलुरु में हाईअलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि मंगलवार को गौरी की राजराजेश्वरी नगर स्थित उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गौरी लंकेश एक वीकली कन्नड़ मैगजीन “लंकेश पत्रिका” पब्लिश करती थीं। लेखकों को प्रोटेक्शन देने का निर्देश…
– सीएम ने इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (एसआईटी) से कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस हत्या की लिंक पता नहीं चल सकी है।
– सिद्धारमैया ने प्रगतिशील विचारों (progressive thoughts) का प्रचार करने वाले लेखकों को सुरक्षा मुहैया कराने का पुलिस को निर्देश दिया है।
– सिद्धारमैया ने कहा कि गौरी हाल ही में मुझसे मिली थीं, लेकिन किसी तरह के खतरे का जिक्र नहीं किया।
– उन्होंने यह भी कहा कि दो लोगों ने उनके बारे में फेसबुक पर कुछ पोस्ट किया था, जिनसे पूछताछ की जा रही है। अभी यह नहीं कह सकते कि इसके पीछे कोई साजिश थी।
– केस की जांच सीबीआई से कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह डीजीपी पर छोड़ दें। वे इस बारे में होम मिनिस्टर से बात करेंगे।
हत्या से पहले गौरी ने 2 ट्वीट किए थे
– गौरी लंकेश ने इन ट्वीट्स में लिखा था, “हम लोग कुछ फर्जी पोस्ट शेयर करने की गलती करते हैं। आइए एक-दूसरे को चेताएं और एक-दूसरे को एक्सपोज करने की कोशिश न करें।”
– अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मुझे ऐसा क्यों लगता है कि हममें से कुछ लोग अपने आपसे ही लड़ाई लड़ रहे हैं। हम अपने सबसे बड़े दुश्मन को जानते हैं। क्या हम सब प्लीज इस पर ध्यान लगा सकते हैं।”
हमलावरों का अभी पता नहीं
– बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर टी. सुनील कुमार ने कहा कि गौरी ने कोई शिकायत नहीं की थी। अगर उन्होंने कहीं कोई खतरे का जिक्र किया होगा तो जांच की जाएगी।
– उन्होंने बताया कि लोगों ने उनके घर के सामने गोली की आवाज सुनी और उन्हें घर में जाने से पहले जमीन पर गिरते देखा। हमलावर कितने थे अभी यह पता नहीं चल सका है।
– सुनील कुमार ने कहा कि जब हम मौके पर पहुंचे तो गौरी खून से लथपथ पड़ी थीं। वहां गोली के चार खाली शेल पड़े मिले।
बीजेपी-संघ के खिलाफ बोलने पर मार दिया जाएगा: राहुल
– राहुल गांधी ने कहा, “कोई भी जो बीजेपी की आइडियोलॉजी के खिलाफ बोलता है, आरएसएस की आइडियोलॉजी के खिलाफ बोलता है, उस पर दबाव डाला जाता है, पीटा जाता है, उस पर हमला किया जाता है और मार भी दिया जाता है। इसका मकसद ये है कि इस देश में केवल एक आवाज रहे और दूसरी कोई आवाज ना उठे। लेकिन, ये इस देश का चरित्र नहीं है। इनकी पूरी आइडियोलॉजी ही आवाजों को दबाना है। मैंने सीएम से बात की और उनसे कहा कि जिन लोगों ने ये काम किया है, उन्हें सजा दी जानी चाहिए।”
– “कभी-कभी पीएम को लगता है कि दबाव बहुत ज्यादा हो गया तो मैं कुछ कह देता हूं। लेकिन, मकसद आवाजों को दबाना ही है। ये एक बहुत सीरियस प्रॉब्लम में बदलता जा रहा है। अहिंसा इस देश का इतिहास है, हमारे सभी धर्मों का इतिहास है। कोई भी शख्स हो, लेकिन हत्या को जस्टीफाई नहीं किया जा सकता है। प्रधानमंत्री जी बहुत स्किल्ड हिंदुत्ववादी पॉलिटीशियन हैं। उनके शब्दों में दो अर्थ होते हैं। उनके बेस के लिए एक मतलब होता है और बाकी दुनिया के लिए एक मतलब होता है।”
– इससे पहले राहुल ने ट्वीट किया कि सच को कभी खामोश नहीं किया जा सकता। गौरी लंकेश हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए: सोनिया
– कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस हत्या पर हैरानी और चिंता जताते हुए बुधवार को कहा, “इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।”
– पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, “गौरी लंकेश को किसी का डर नहीं था, गौरी से किसे डर था?”
– कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्विटर पर लिखा, “गौरी रेशनलिस्ट (बुद्धिवादी) थी। गोली मारकर उनकी आवाज बंद कर दी गई।”
बीजेपी नेताओं ने किया था केस
– पिछले साल नवंबर में गौरी लंकेश (55) को मानहानि के मामले में कोर्ट ने 6 महीने की सजा सुनाई थी। हालांकि, उसी वक्त गौरी को बेल भी मिल गई थी।
– धारवाड़ से बीजेपी सांसद प्रहलाद जोशी और पार्टी के लीडर उमेश दुशी ने गौरी के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था।
– ये केस 2008 में गौरी के पेपर में छपे एक आर्टिकल के लिए दायर किया गया था। यह आर्टिकल बीजेपी नेताओं के खिलाफ लिखा गया था।
ऐेसे ही हुई थी कलबुर्गी, पानसरे और दाभोलकर की हत्या
– बता दें कि इससे पहले डॉ. एमएम कलबुर्गी, डॉ. गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर की भी कुछ इसी अंदाज में गोली मारकर हत्या की गई थी। डॉ. कलबुर्गी को उनके घर के दरवाजे पर मारा गया था।
– बताया जाता है कि 12th सेंचुरी के संत बास्वेश्वर और रैशनलिज्म पर गौरी के विचार काफी हद तक कलबुर्गी से मिलते थे।
पिता फिल्ममेकर थे
– गौरी के पिता पी. लंकेश एक अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर थे। उन्होंने 1980 में लंकेश मैगजीन शुरू की थी।
– गौरी के परिवार में बहन कविता, भाई इंद्रेश और मां हैं। कविता नेशनल फिल्म अवॉर्ड विनर हैं।
सीएम सिद्धारमैया ने कहा- यह लोकतंत्र की हत्या
– कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कहा, “जानी-मानी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से हैरान हूं। इस जघन्य अपराध की निंदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है। गौरी शंकर की मौत से कर्नाटक ने एक विकासशील आवाज खोई है। मैंने एक दोस्त खोया है।” बता दें कि सिद्धारमैया गौरी के पिता के दोस्त थे।

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