इस शख्स ने बताया कैसे रात के 3 बजे राधे मां करती थी उससे फ्लर्ट…

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यह आदेश मित्तल की उस याचिका के बाद आया है जिसमें उन्होंने राधे मां पर जान से मारने की धमकियां देने का आरोप लगाया था।

मुंबई।रेप के दोषी राम-रहीम के बाद अब खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट का यह आदेश वीएचपी के नेता सुरिंदर मित्तल की उस याचिका के बाद आया है जिसमें उन्होंने राधे मां पर जान से मारने की धमकियां देने का आरोप लगाया था। मित्तल का आरोप है की राधे मां अपनी बात मनवाने के लिए रात तीन बजे फोन करती हैं और बात नहीं मानने पर धमकी देती हैं। और क्या है मित्तल का आरोप।
– फगवाड़ा के रहने वाले सुरिंदर मित्तल ने याचिका दायर कर कहा कि राधे मां से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं कि वह उनके खिलाफ न बोलें।
– सुरिंदर का कहना है कि उसने इस मामले में पुलिस से शिकायत की थी कि, राधे मां जागरण में खुद को मां दुर्गा का अवतार कहकर त्रिशूल धारण कर बैठती हैं। इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
– याचिका में कहा गया कि उनके साथ कई लोगों ने राधे मां का विरोध किया था और जागरण नहीं होने दिया था। इसके बाद उन्हें राधे मां की तरफ से पहले तो फोन कर रुपयों का ऑफर दिया गया। ऑफर स्वीकार न करने पर उन्हें धमकियां मिलने लगी कि वे उनके मामले में दखल दें।
– धार्मिक भावनाएं आहत करने, रुपये ऑफर करने धमकियां मिलने को लेकर उन्होंने पुलिस को शिकायत की। आरोप है कि, पुलिस ने राजनीतिक प्रभाव में कोई कार्रवाई नहीं की। याची ने इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
– बता दें कि मित्तल और राधे मां के एक कथित टेप दो साल पहले सामने आया था जिसमें राधे मां रात तीन बजे फोन कर फ्लर्ट करती हुई सुनाई दी थीं।
आज हम उसी टेप की पूरी बातचीत आपके सामने रख रहे हैं। (सुबह तीन बजे हुई थी यह बातचीत)
सुरिंदर– कौन बोल रहे हो?
राधे मां– मैं राधे मां, देवी मां, बॉम्बे से। ये मेरा पंजाब का नंबर है।
सुरिंदर मित्तल– ओए तू राधे मां नहीं हो सकती, समझ गई न!
राधे मां– हां
सुरिंदर मित्तल– तू राधे मां नहीं हो सकती।
राधे मां– क्यों?
सुरिंदर मित्तल-बताऊंगा सुबह क्यों क्या? तू इस समय फोन क्यों कर रही है मेरे को?
राधे मां– मैं ये बताने के लिए फोन कर रही हूं कि..
सुरिंदर मित्तल– मुझे बताने कि जरूरत नहीं है, समझ गई ना
राधे मां– कोई तुम्हारी डिमांड है तो तुम…
सुरिंदर मित्तल– क्यों मुझे क्यों डिमांड है, मुझे किस चीज की डिमांड होगी?
राधे मां- तुझे चाहिए कुछ तो मैं तेरी हेल्प कर सकती हूं।
सुरिंदर मित्तल-क्यों मुझे क्यों चाहिए, मैं तुझ जैसी से लेने के लिए बैठा हूं।
राधे मां– कहां गई इंसानियत?
सुरिंदर मित्तल-मुझे इंसानियत की जरूरत नहीं है, इंसानियत तुम लोगों से सीखनी है, गंदे चोरों से।
राधे मां-क्योंकि मेरा तो कुछ है ही नहीं।
सुरिंदर मित्तल– हंां, हंां तुम्हारा तो है ही कुछ नहीं।
राधे मां- हंां, मैं सबसे बड़ी चोर हूं।
सुरिंदर मित्तल-बिल्कुल।
राधे मां-कोई बात नहीं मैं चोर हूं, मैं बेग हूं, मैं गरीब हूं।
सुरिंदर- ऐसा करो, अपने ना, दो-चार, एक और आ रहा है न फगवाड़े से पवन कुमार पप्पी, उसके बेचारे का काम भी काफी ढोंगा है, काफी पैसा देना है बेचारे को मार्केट का, उसको भी थोड़े पैसे दे देना
राधे मां- दे दूंगी, नो प्रॉब्लम।
सुरिंदर-बिल्कुल, बिल्कुल तभी कह रहा हूं, राजे को 50 हजार की जगह एक लाख कर दो उसको, बांटो-बांटो चोरों का माल सबमें।
राधे मां-मेहर होती है ये प्रभु की, ईश्वर जिन पर कृपा करता है, तो वो देते हैं, किसी की औकात नहीं, किसी की जुर्रत नहीं कि मेरे सामने कुछ बोल दे, मैंने उसे ये दिया है, क्योंकि ये प्रभु का है, प्रभु का पैसा प्रभु को देते हैं।
सुरिंदर- हंां
राधे मां- जो महीने का 40 लाख कमाते हैं, वो भी मेरे चरणों में चढ़ाते हैं, क्योंकि उन्होंने मेहनत की है।
सुरिंदर– बिल्कुल, बिल्कुल क्योंकि बहुत मेहनत की है, बिल्कुल सही बात है।
राधे मां- मेहनत मैंने भी बहुत मेहनत की है, 8-8 घंटे बैठ के, 8-8 घंटे कमर को तकलीफ दी है, इतना बैठ के बताओ तुम।
सुरिंदर- मैं बैठता हूं, मैं बैठता हूं, चिंता मत करो, मैं बैठता हूं।
राधे मां- वाह ————- काम कर दिया, हां हां हां हां…​
सुरिंदर– फालतू बकवास, फालतू बकवास नहीं करनी तुम समझी न।
राधे मां-मैं तो करूंगी,बंदर-बंदर, बंदर-बंदर, बंदर- देखो कितना इरिटेट हो रहा होगा, बंदर-बंदर जी।
सुरिंदर-मैं तो मजा ले रहा हूं की तुम्हारे भक्त कैसे बेवकूफ हैं जो पूजा करते हैं तुम्हारी।
राधे मां- आई अम प्योर एन वाइज, आई अम प्योर एन वाइज, मां हूं मैं।
सुरिंदर- आई अम प्योर एन वाइज! अच्छा
राधे मां- मैं अपने पापा के नजर में अच्छी हूं, मैं अपने हसबैंड के नजर में, अपने बच्चों की नजर में अच्छी हूं, फिर तुम्हारी नजर में तो भगवान भी अच्छा नहीं होगा शायद।
राधे मां- क्योंकि कृष्ण भगवान ने मुझे ये कहा, चाहे तुम मुझे पत्थर मारे, चाहे तुम मुझे जूतियां मारे लेकिन प्यार तो तुम मेरे से ही करते हो, क्योंकि मैं तुम्हारे दिल-दिमाग से निकलती नहीं, क्योंकि तुम मुझे लव करते हो,
सुरिंदर-हूं, सही बात है।
राधे मां- क्योंकि जो भक्त हैं वो तो मुझे भूल जाते हैं, लेकिन तुम तो दिन में 10-20 बार मेरा फोटो देखते हो।
सुरिंदर- अच्छा
राधे मां- क्योंकि तुम मुझे लव करते हो।
सुरिंदर-अच्छा
राधे मां-  हूं
सुरिंदर- 10-20 बार तुम्हारी फोटो देखता हूं, कौन सी?
राधे मां-फोटोज़ मेरी यू-ट्यूब की।
सुरिंदर- यू-ट्यूब की, मैंने तो देखी नहीं यू-ट्यूब में फोटो कभी।
राधे मां- नहीं तुम दिन में10-12 बार मेरी फोटो देखते हो क्योंकि तुम मुझे लव करते हो।
सुरिंदर- अच्छा, कितनी ज्ञानी हो वैरी गुड।
राधे मां-यस-यस अफकॉर्स।
सुरिंदर-  सही बात है।
राधे मां- क्योंकि तुम से ज्यादा कोई मुझे लव करता ही नहीं, क्योंकि मैं तुम्हारे दिल दिमाग से निकलती ही नहीं कभी भी।
सुरिंदर- सही बात है।
राधे मां- बाकियों के तो निकल जाती हूं, मैं
सुरिंदर- सही बात है।
राधे मां- अब तुम याद मुझे करते हो तो मुझे कॉल करना ही पड़ेगा।
सुरिंदर- बिल्कुल।
राधे मां-मैं रात को ही फ्री होती हूं, क्योंकि दिन में कोई न कोई मेरे पास होता है, तो बाकियों को तो नहीं बता सकती न कि तुम मेरे से इतनी नफरत करते हो
सुरिंदर- क्यों? क्यों बताओ न।
राधे मां- तुम मुझे लव करते हो।
सुरिंदर- बताओ न सबको।
राधे मां- क्योंकि मुझे पता है कि अल्टीमेटली तुम्हें मेरे भक्त हो, आना तो मेरे पास ही पड़ेगा, मैं तुम्हारा इंसल्ट नहीं कर पाऊंगी,
राधे मां-तेरे पापा है ?
सुरिंदर-हंां बिल्कुल है महा माई की कृपा से है।
राधे मां-तो तुम कौन सो उसकी रेस्पेक्ट करते हो।
सुरिंदर – हंां, न-न।।तुम्हें ज्यादा पता है।
राधे मां-तो फिर तुम मुझे अपने पापा की बेटी बना दो प्लीज।
सुरिंदर-क्यों?
राधे मां- उनको बोलो मुझे एडॉप्ट कर लें।
सुरिंदर- ना ना ऐसियों को नहीं एडॉप्ट करते हैं वो।
राधे मां-प्लीज उनको बोल दो।
सुरिंदर-न न ऐसीयो एडॉप्ट करते हैं वो।
राधे मां-एक बात बताऊं?
सुरिंदर- नहीं नहीं मुझे सुननी नहीं।
राधे मां-अगर मैं तेरे पापा को बोलूंगी न तो वो रियल में बना देगा और मेरे कहने पर तेरे को खींच कर एक चपेट मारेगा चल तुझसे अच्छी मेरी बेटी है।
सुरिंदर-वो ऐसियों को बेटी नहीं बनाते तुम्हारी जैसियों को बेटी नहीं बनाते वो।
राधे मां-मैं तुम्हें चैलेंज करती हूं तुम मुझे नंबर दो मैं तुम्हारे पापा को कॉल करके बोलती हूं पापा जो तेरा बेटा है न वो बहुत कमीना है कुछ काम नहीं करता मेरी बात नहीं सुनता। फिर तुझे वो थप्पड़ मार कर सही कर देगा। मेरे कहने पर वो तुझे मार देगा और मुझे अडॉप्ट कर लेगा।
सुरिंदर- अच्छा उसको पापा बना लिया वैरी गुड।
राधे मां– यस, मेरा कोई पापा है, कोई भाई है, कोई बेटा है। अब तुझे मैं बनाऊंगी अपना वो, वो जो होता है न बॉडीगार्ड।
सुरिंदर- क्यों बॉडीगार्ड क्यों?
राधे मां- बस बनाऊंगी तुझे।
सुरिंदर- बताओ न बताओ न क्यो बनाओगी बॉडीगार्ड।
राधे मां- वो ऐसा है न कोई मेरा पापा है, मामा है, चाचा है।
सुरिंदर- मुझे बॉडी-गार्ड क्यों बनाओगी ये बताओ न ?
राधे मां- दरबान बनाऊंगी।
सुरिंदर- दरबान बनाओगी हाय सच्ची।हाय चमचागिरी करुंगा मैं। तुम्हारी मैं चौकीदारी करुंगा।
राधे मां- चल तुझे तकलीफ है तो चल भाई बना लेती हूं।
सुरिंदर- न न तुम्हारी जैसी का भाई नहीं बनता मैं।
राधे मां-हां?
सुरिंदर-तुम्हारी जैसी का भाई नहीं बनता मैं।
राधे मां-तो बाप बना लूंगी।
सुरिंदर- न जी न मुझे जरूरत नहीं है।
सुरिंदर- नहीं मैं बहुत बुरा हूं। आइ एम वेरी बैड।
राधे मां- सो नाइस। आई एम सो पाइस सो क्यूट, सो नाइस सो स्पेशल,यू आर माइ लाइफ-लाइन।
सुरिंदर- अच्छा एक बात बताओ आप मुझे फोन क्यों करते हो बार-बार।
राधे मां- बाबू मुझे तुमसे प्यार है तुम बड़े अच्छे लगते हो मुझे।
सुरिंदर- अभी तो कहते हो तुम बुरे हो अभी कहते तुम अच्छे हो। पता ही नहीं चलता तुम्हारा।
राधे मां- नहीं, तुम अच्छे हो क्योंकि तुम मुझे रियालाइज्ड करवाते हो कि मैं अच्छी नहीं हूं बुरी हूं।
सुरिंदर- ओके- ओके
राधे मां- मैं नहीं बोलती मेरा दिल नहीं करता।
सुरिंदर – क्यूं?
राधे मां– सुनो ना सुनो ना… ये बात है।। हंां तो क्या कहें।।
सुरिंदर मित्तल- मुझे ये समझाने की जरूरत नहीं है, मुझे पता है।।मैं पूछ रहा हूं।।सुनो।।सुनो मेरी बात तू भक्तो को क्यूं नही प्रवचन करती, भक्तों को प्रवचन दो ना।।
राधे मां– मेरा दिल नहीं करता।
सुरिंदर मित्तल- क्यूं?
राधे मां– क्योंकि कितने सारे लोग होते हैं। दो-ढाई हजार लोग होते हैं। मुझे बोलना नहीं आता मैं शाई(शर्मीले) नेचर की हूं शर्मा जाती हूं।
सुरिंदर मित्तल- ओह होय हो। सच्ची कितनी शर्मीली है।
राधे मां– तुम्हारी कसम भगवान की कसम।
सुरिंदर मित्तल-नहीं नहीं सब पता है मुझे।।अपनी भाभी के गांव भी गई हो तुम काला जादू करने।
राधे मां- हंां काला जादू होता तो जरूर दुनिया मुझे मारती, मैं सबको मारने देती।
सुरिंदर मित्तल-हंां हंां
राधे मां- तो मैं तुम्हारे जैसे से मार नहीं खाती।
सुरिंदर मित्तल- हूं
राधे मां- काला जादू होता ना तो तुम्हारे जैसे से मार नहीं खाती ठीक है…तुम्हारे जैसे।
सुरिंदर मित्तल- राजा की ऐसी की तैसी(जूते की) जानता कौन है उसको (जूते मारूं) मैं उसके.. इसलिए तो पैसे लेकर गया था। तुम्हारे से कि मैंने उसको ये कर दिया मैंने उसको वो कर दिया। तुम उनको पैसे दे कर रखती हो कि सबको चुप करा कर रखो मेरे खिलाफ बोले ना कोई।
राधे मां- कौन?
सुरिंदर मित्तल– कौन?
राधे मां– राजे को…मैं सबको देती हूं।
सुरिंदर मित्तल- हंां वहीं जो बोलता है उन सभी को पैसे देती हो उसका मुंह बंद। मेरे को तो नहीं खरीद सकती।
राधे मां- मैंने बुरा क्या किया है बताओ मैंने पाप क्या किया।
सुरिंदर मित्तल-कोई पाप नहीं किया।
राधे मां- बुरा क्या किया।
सुरिंदर मित्तल- किसने बोला तुमने बुरा किया तुम बहुत अच्छी हो।
राधे मां- नहीं नहीं मैंने बुरा क्या किया कि मेरे ससुराल वाले मुझे माथा टेकते हैं मेरा हसबैंड मुझे माथा टेकता है मेरा शहर मेरा माथा टेकता है गुरू मुझे मानता है
सुरिंदर मित्तल- अच्छा गुरू माथा टेकता है?
राधे मां- यस मेरी रिकॉर्डिंग देख लो।।आगे देखो।
सुरिंदर मित्तल- मुझे क्या जरूरत है आगे देखने की।
राधे मां- मैं क्या हूं मैं क्या बुरी हूं बताओ।
सुरिंदर मित्तल- ना ना कोई बुरा नहीं कहता तुम बहुत अच्छी हो।
राधे मां-मैंने क्या बुरा किया।
सुरिंदर मित्तल- मातारानी देख रही हंा मातारानी खुद इंसाफ करेगी चिंता मत करो।
राधे मां- मुझे कभी।
सुरिंदर मित्तल– मैंने कहा मातारानी खुद इंसाफ करेगी तुम्हारा चिंता मत करो।
राधे मां- मैं चैलेंज करके कहती हूं मेरे साथ बड़े आए हुए भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता देखो जाको राखे साईंया।
सुरिंदर मित्तल- सुनो सुनो यो दोहे मुझे भी आते हैं। ये अहंकार।
राधे मां- मैं तुम्हें श्राप देती हूं।
सुरिंदर मित्तल-फिटे मुंह तेरे बांदरी तू श्राप देगी मेरे को तू श्राप क्या देगी मेरे को तेरे को श्राप मातारानी देगी समझ गई ना तेरा हालत वो होगा लोगों के सामने आसाराम से बुरी हालत होगी तेरी… जा तेरे को मैं बता रहा हूं नोट कर ले तू बात मेरी।
राधे मां- आज मैं तुम्हें।
सुरिंदर मित्तल- और तू जा तू श्राप देगी मेरे को तेरे पल्ले क्या है तेरे पल्ले क्या है तू लोगों के सामने बोल नहीं सकती बड़ी फिरती है माता…चल बकवास ना कर फालतू।

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