इस बहादुर इंडियन गर्ल की मौत पर पाक ने बहाए थे आंसूए बचाई थीं 360 जानें

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साल 1986 में पांच सितंबर को इंडिया की नीरजा भनोट की कराची में आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

नई दिल्ली. साल 1986 में पांच सितंबर को इंडिया की नीरजा भनोट की कराची में आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नीरजा पैन अमेरिकन वर्ल्ड एयरवेज की कर्मचारी थीं। मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहे पैन एम फ्लाइट 73 को कराची में चार आतंकियों ने हाईजैक कर लिया। नीरजा प्लेन में सीनियर एयर होस्टेस थीं। उन्होंने प्लेन में सवार 360 पैसेंजर्स की जान बचाई थी। ऐसे बचाई थी पैसेंजर्स की जान…

ब आतंकियों ने प्लेन हाईजैक कर लिया था तब नीरजा की सूचना पर चालक दल के तीनों सदस्य कॉकपिट से निकलकर भाग गए।
– उधर, प्लेन के हाईजैक करने के 17 घंटे बाद आतंकियों ने यात्रियों की हत्या करनी शुरू कर दी। प्लेन में विस्फोटक लगाने शुरू किए।
– तभी नीरजा इमरजेंसी गेट खोलने में कामयाब हुईं। पर वे खुद नहीं भागीं। उन्होंने पैसेंजर्स को निकलने का मौका दिया।
– आतंकियों ने गोली चलाई तो नीरजा यात्रियों को बचाने के लिए गेट पर खड़ी हो गईं। भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया। पाकिस्तान और अमेरिकी सरकार ने भी उन्हें सम्मानित किया था।
इजराइल में क्रैश कराना चाहते थे प्लेन
– आतंकवादी प्लेन को इजराइल में किसी निर्धारित जगह पर क्रैश कराना चाहते थे।
– नीरजा भनोट का जन्म 7 सितंबर 1963 को चंड़ीगढ़ के हरीश भनोट के यहां हुआ था।
– बता दें कि इस घटना से बचकर निकले यात्री माइकल थेक्सटन ने एक बुक लिखी थी।
– इस बुक में माइकल ने दावा किया कि उन्होंने हाईजैकर्स को बात करते हुए सुना था कि वे जहाज को 9/11 की तरह इजराइल में किसी निर्धारित निशाने पर क्रैश कराना चाहते थे।
आतंकवादी से बात करके बचाई थी ब्रिटिश की जान
– हाईजैक के दौरान आतंकियों ने नीरजा और उसकी सहयोगियों को बुलाया और कहा कि वो सभी यात्रियों के पासपोर्ट इक्ट्ठा करें ताकि वो किसी अमेरिकन नागरिक को मारकर पाकिस्तान पर दबाव बना सकें।
– नीरजा ने सभी यात्रियों के पासपोर्ट इकट्ठे किए लेकिन विमान में बैठे 5 अमेरिकी यात्रियों के पासपोर्ट छुपाकर बाकी सभी आतंकियों को सौंप दिए।
– उसके बाद आतंकियों ने एक ब्रिटिश को विमान के गेट पर लाकर पाकिस्तानी सरकार को धमकी दी कि यदि पायलट नहीं भेजा तो वह उसको मार देंगे।
– लेकिन नीरजा ने उस आतंकी से बात करके उस ब्रिटिश नागरिक को भी बचा लिया।

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